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बिहार से हथियार खरीदने की फिराक में था चंदन
बिहार से हथियार खरीदने की फिराक में था चंदन
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:36 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज से फरारी के बाद गोरखपुर के अपराधी चंदन सिंह ने कई लोगों से रंगदारी वसूल की। पुलिस से बचने के लिए पांच बार नेपाल तक गया। बिहार से हथियार खरीदने की फिराक में था। मगर, नोटबंदी के कारण रंगदारी में वसूली गई रकम को हथियार तस्करों ने लेने से इंकार कर दिया। इस कारण उसे खाली हाथ लौटना पड़ा।
बता दें, लखनऊ एसटीएफ ने चंदन सिंह उर्फ देवकी नंदन सिंह को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। बदायूं जेल में बंद रहे चंदन सिंह को 31 मई को एसएन मेडिकल कालेज इलाज के लिए लाया गया था। मगर, वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसका मुकदमा थाना एमएम गेट में दर्ज हुआ। एसटीएफ ने चंदन को शुक्रवार को थाना पुलिस के हवाले कर दिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। एसटीएफ का कहना है कि फरारी के दौरान अपराधी ने गोरखपुर, कुशीनगर, लखनऊ, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर सहित गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडू और केरल के अतिरिक्त नेपाल में भी ठिकाना बनाया। इस बीच उसने एक करोड़ तक की रंगदारी वसूल की। इसके बाद वह एके-47 सहित कई हथियार खरीदना चाहता था। बिहार के जिला सिवान से हथियार खरीदने की तैयारी कर ली थी। मगर, आठ नवंबर को नोटबंदी होने के कारण हथियार नहीं खरीद सका। उसे हथियार सप्लायरों ने वापस लौटा दिया।
दिल्ली में कराया इलाज
चंदन सिंह ने फरारी के बाद अल्सर का इलाज दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज कराया। अहमदाबाद में भी नाम बदलकर रहा। यहां भी एक अस्पताल में इलाज कराया।
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साथी ने कोडवर्ड में बात कर भगा दिया
एसटीएफ ने चंदन की गिरफ्तारी के लिए उसके साथी रिंकू सिंह को पकड़ा था। मगर, चंदन ने मोबाइल पर बात करने के लिए कोडवर्ड बना रखा था। इसके अनुसार दो बार जी भाई जी, जी भाई जी कहना था। इसका मतलब था कि पुलिस पकड़ सकती है। एसटीएफ ने जब रिंकू की चंदन से बात कराई तो उसने यही कहा। इस पर चंदन को शक हो गया और भाग गया।
नाम बदलकर अहमदाबाद में रह रहा
करीब तीन महीने पहले चंदन सिंह सरसपुर इंडिया बुल अहमदाबाद में अजय सिंह नाम के व्यक्ति की फर्जी आईडी पर 2 बीएचके का फ्लैट किराए पर लिया था। बिहार के सिवान में जाकर वहां के अपराधी सतीश पांडेय और अजहर भाई से मुलाकात की।
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बता दें, लखनऊ एसटीएफ ने चंदन सिंह उर्फ देवकी नंदन सिंह को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। बदायूं जेल में बंद रहे चंदन सिंह को 31 मई को एसएन मेडिकल कालेज इलाज के लिए लाया गया था। मगर, वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसका मुकदमा थाना एमएम गेट में दर्ज हुआ। एसटीएफ ने चंदन को शुक्रवार को थाना पुलिस के हवाले कर दिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। एसटीएफ का कहना है कि फरारी के दौरान अपराधी ने गोरखपुर, कुशीनगर, लखनऊ, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर सहित गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडू और केरल के अतिरिक्त नेपाल में भी ठिकाना बनाया। इस बीच उसने एक करोड़ तक की रंगदारी वसूल की। इसके बाद वह एके-47 सहित कई हथियार खरीदना चाहता था। बिहार के जिला सिवान से हथियार खरीदने की तैयारी कर ली थी। मगर, आठ नवंबर को नोटबंदी होने के कारण हथियार नहीं खरीद सका। उसे हथियार सप्लायरों ने वापस लौटा दिया।
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दिल्ली में कराया इलाज
चंदन सिंह ने फरारी के बाद अल्सर का इलाज दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज कराया। अहमदाबाद में भी नाम बदलकर रहा। यहां भी एक अस्पताल में इलाज कराया।
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साथी ने कोडवर्ड में बात कर भगा दिया
एसटीएफ ने चंदन की गिरफ्तारी के लिए उसके साथी रिंकू सिंह को पकड़ा था। मगर, चंदन ने मोबाइल पर बात करने के लिए कोडवर्ड बना रखा था। इसके अनुसार दो बार जी भाई जी, जी भाई जी कहना था। इसका मतलब था कि पुलिस पकड़ सकती है। एसटीएफ ने जब रिंकू की चंदन से बात कराई तो उसने यही कहा। इस पर चंदन को शक हो गया और भाग गया।
नाम बदलकर अहमदाबाद में रह रहा
करीब तीन महीने पहले चंदन सिंह सरसपुर इंडिया बुल अहमदाबाद में अजय सिंह नाम के व्यक्ति की फर्जी आईडी पर 2 बीएचके का फ्लैट किराए पर लिया था। बिहार के सिवान में जाकर वहां के अपराधी सतीश पांडेय और अजहर भाई से मुलाकात की।