{"_id":"58d8187f4f1c1bee5e1a1212","slug":"case-against-directors-of-neil-infrastructure-fraud","type":"story","status":"publish","title_hn":"नील इंफ्रास्ट्रक्चर्स के निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नील इंफ्रास्ट्रक्चर्स के निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
Updated Mon, 27 Mar 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
द फ्लोरेंस प्लेटिनम योजना में फ्लैट बुक कर कब्जा नहीं देने का आरोप
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना सिकंदरा में नील इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक विनय भदौरिया और निदेशक संदीप मित्तल सहित तीन के खिलाफ धोखाधड़ी और धन हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप है कि सिकंदरा में बन रही योजना में फ्लैट बुक करके 31 लाख रुपये लिए और कब्जा नहीं दिया।
अपर्णा रिवर व्यू, न्यू आगरा निवासी सुनीत भार्गव का सिकंदरा में कालेज है। उनकी पत्नी कंचन भार्गव ने नील इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा द फ्लोरेंस प्लेटिनम योजना में एक फ्लैट नवंबर 2012 में पांचवी मंजिल पर बुक कराया था। आरोप है कि बुकिंग के दौरान 17 लाख रुपये दिए। इसके बाद फरवरी 2013 में बैंक से लोन लेकर 14 लाख रुपये और दे दिए। कंपनी के निदेशकगण ने फ्लैट की कीमत 62 लाख रुपये बताई थी। 50 लाख रुपये में बुकिंग कराने पर छूट भी देने का आश्वासन दिया था। 30 जून 2013 को कब्जा देने की बात कही। मगर, आज तक कब्जा नहीं दिया है। कंचन का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि प्रभात मिश्र द्वारा किए गए एग्रीमेंट में सातवीं मंजिल पर तकरीबन 48 लाख रुपये का फ्लैट नंबर 703 बुक करना दर्शाया गया है, जबकि उन्होंने पांचवीं मंजिल पर फ्लैट बुक कराया था। अब कंपनी के प्रतिनिधि धमका रहे हैं। पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद थाना सिकंदरा में कंपनी के निदेशक संदीप मित्तल, प्रबंधक निदेशक विनय भदौरिया, अधिकृत प्रतिनिधि प्रभात मिश्र के खिलाफ धारा 406, 419 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
अपर्णा रिवर व्यू, न्यू आगरा निवासी सुनीत भार्गव का सिकंदरा में कालेज है। उनकी पत्नी कंचन भार्गव ने नील इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा द फ्लोरेंस प्लेटिनम योजना में एक फ्लैट नवंबर 2012 में पांचवी मंजिल पर बुक कराया था। आरोप है कि बुकिंग के दौरान 17 लाख रुपये दिए। इसके बाद फरवरी 2013 में बैंक से लोन लेकर 14 लाख रुपये और दे दिए। कंपनी के निदेशकगण ने फ्लैट की कीमत 62 लाख रुपये बताई थी। 50 लाख रुपये में बुकिंग कराने पर छूट भी देने का आश्वासन दिया था। 30 जून 2013 को कब्जा देने की बात कही। मगर, आज तक कब्जा नहीं दिया है। कंचन का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि प्रभात मिश्र द्वारा किए गए एग्रीमेंट में सातवीं मंजिल पर तकरीबन 48 लाख रुपये का फ्लैट नंबर 703 बुक करना दर्शाया गया है, जबकि उन्होंने पांचवीं मंजिल पर फ्लैट बुक कराया था। अब कंपनी के प्रतिनिधि धमका रहे हैं। पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत की। इसके बाद थाना सिकंदरा में कंपनी के निदेशक संदीप मित्तल, प्रबंधक निदेशक विनय भदौरिया, अधिकृत प्रतिनिधि प्रभात मिश्र के खिलाफ धारा 406, 419 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन