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बाह, अछनेरा में बुखार से छह की मौत

Thu, 29 Sep 2016 12:29 AM IST
बाह, अछनेरा में बुखार से छह की मौत
बाह, अछनेरा में बुखार से छह की मौत Updated Thu, 29 Sep 2016 12:29 AM IST
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bukhar se 6 ki maut
बाह, अछनेरा में बुखार से छह की मौत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जानलेवा बुखार की चपेट में आने से छह और की मौत हो गई। इसके बाद बुखार से मरने वालों की संख्या 53 हो गई है। लगातार मौतों से लोगों में दहशत है।
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बाह में बासौनी के कसा गांव में नरसिंह का पुत्र योगेश (तीन माह) बुखार से पीड़ित था। आगरा में निजी हास्पिटल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसी परिवार के हाकिम सिंह के पुत्र रमाकांत (तीन वर्ष) की मौत हो गई। एक ही परिवार में दो मौत होने से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 
वहीं, अछनेरा के मोहल्ला बजहेरा निवासी बंटी (27) पुत्र मोहन सिंह की बुखार से मौत हो गयी। वह कई दिन से बीमार थे और आगरा के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवारीजनों ने उन्हें डेंगू होने की बात कही है। सांधन गांव में रजाक (6) पुत्र फीरोज, शौकीन (5) पुत्र तहसीम और रेनू (एक माह) पुत्री हन्नो की भी बुखार से मौत हो गई।
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कैसे हुई मौत, स्वास्थ्य विभाग बनाएगा रिपोर्ट
एक के बाद एक मौत की स्वास्थ्य विभाग जांच कराएगा। इसके लिए संक्रामक विभाग को ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मृतक की जांच रिपोर्ट, इलाज के विवरण की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया कि मरने वालों की मेडिकल रिपोर्ट का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, इसे शासन को भेजा जाएगा।
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हड्डी तोड़ बुखार, जोड़ देने लगे जवाब
आगरा। चिकनगुनिया मतलब, हड्डी तोड़ बुखार। ये ठीक होने के बाद भी दर्द का मर्ज दे रहा है। सबसे बुरा हाल बुजुर्गों का है। गठिया रोगी तो समझ लो, साल-दो साल तक इसका दर्द सालेगा। हड्डी रोग विभाग में इस तरह की परेशानी वाले मरीजों की संख्या अधिक है। ऐसे औसतन रोजाना 15-20 मामले आ रहे हैं। 
एसएन मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डा. सीपी पाल बताते हैं कि चिकनगुनिया ठीक होने पर जोड़ दर्द की समस्या रहती है। सामान्य मरीज में ये 15-50 दिन तो बुजुर्गों को साल-डेढ़ साल तक परेशान करता है। गठिया है तो सूजन की दिक्कत भी रहती है। डेंगू वार्ड प्रभारी डा. मृदुल चतुर्वेदी बताते हैं कि इसका वायरस जोड़ की झिल्लियों तक असर करता है। 

बर्फ की सिंकाई फायदेमंद
सूजन और दर्द से बचने के लिए बर्फ की सिकाई फायदेमंद हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य व्यायाम भी करते रहें। क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डा. बीबी यादव बताते हैं कि ऐसे मरीज पंचगुण के तेल से जोड़ों की मालिश करें, काफी आराम मिलेगा।

अछनेरा में फागिंग कराने की मांग 
अछनेरा। वायर बुखार से बिगड़े हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने कस्बा और ग्रामीण इलाकों में फागिंग कराने की मांग की है। सभासद नीतू शर्मा, ओमा चौधरी, राजीव वर्मा ने बताया कि अछनेरा नगरपालिका में फागिंग मशीन चार साल से खराब पड़ी है। इस बार स्थिति बिगड़ने पर मशीन को ठीक कराने के नाम पर राजस्थान भेजा गया है। भाजपा के डा. नेम सिंह, रवि अग्रवाल, सीताराम सारस्वत, मुकेश वर्मा आदि ने भी स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग की है। 
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जैतपुर और शमसाबाद के गांवों में एंटीलार्वा का छिड़काव
बाह/शमसाबाद। बासौनी के गांव कसा में बुखार से दो बच्चों की मौत की जानकारी पर सीएचसी बाह के अधीक्षक डा. धीरेन्द्र कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे और शिविर लगाकर 90 लोगों को उपचार दिया। 17 लोगों के रक्त के नमूने लिये। वहीं, बुधवार को जैतपुर के गांव गढ़ीरम्पुरा, बेदपुरा, रीछापुरा, खेड़ा राठौर, गोहरा, कमतरी, सुजानपुरा, बड़ागांव, नहटौली, गोपालपुरा, फतेहपुरा, मलियाखेड़ा, कटरा, खिलावली, करनपुरा, उदयपुर कलां में एंटीलार्वा दवा का छिड़काव किया गया। जैतपुर के अधीक्षक डा. ब्रजेश कुमार की देखरेख में छिड़काव चल रहा है। वहीं, शमसाबाद और क्षेत्र के गांवों में भी दवा का छिड़काव कराया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजवीर सिंह और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. हर्षमोहन सचान ने बताया कि 59 ग्राम पंचायतों में सर्वे के बाद छह टीमों के माध्यम से ग्राम डौकी, अलीनगर, लखुरानी, गढ़ी रामबल, हज्जूपुरा, सिगेंचा, गढ़ी उसरा में जलभराव और गंदगी वाली जगहों पर दवा का छिड़काव कराया गया है।

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पिनाहट में सज रही झोलाछाप की दुकानें
पिनाहट। ग्रामीण इलाकों में वायरल बुखार, चिकनगुनिया, डेंगू से परेशान लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने से झोलाछाप के पास पहुंच रहे हैं। स्याहीपुरा, अरनौटा, भदरौली, करकौली, बासलौनी, उमरैठा आदि में झोलाछाप की दुकानों पर भीड़ देखी जा सकती है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दवाएं न मिलने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस संबंध में  चिकित्सा प्रभारी पिनाहट अतुल भारती का कहना है कि सभी झोलाछाप को नोटिस देकर सात दिन में जवाब के साथ कागज प्रस्तुत करने को कहा गया है। जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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