{"_id":"5759c6c64f1c1b17489c59e8","slug":"brother-s-beating-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीवार बनाने के विवाद में भाई की पीट-पीटकर हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दीवार बनाने के विवाद में भाई की पीट-पीटकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:13 AM IST
विज्ञापन
Murder
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेरागढ़ के ग्राम फजीयतपुरा के नंदा का नगला में मकान के बंटवारे के बाद खड़ी की जा रही दीवार में अलमारी बनाने पर दो भाई अपने ही भाई के दुश्मन बन गए। भाई के परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। परिवारीजनों में ईंट पत्थर चलने लगे। सिर में लाठी लगने से थान सिंह (50) की मौत हो गई। उसके दो बेटे घायल हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। घटना के बाद आरोपी भाई भाग गए।
नंदा का नगला निवासी मानिकचंद के चार बेटे थे। इनमें से सोमदत्त की मौत हो चुकी है। तीन बेटे थान सिंह, विजय और ऊदल परिवार सहित गांव में एक मकान में अलग-अलग रहते हैं। सोमदत्त का परिवार भी इसी मकान में रहता है। मानिकचंद की पत्नी चमेली देवी ने पिछले दिनों तीनों बेटे में मकान का बंटवारा कर दिया था। इस पर थान सिंह गुरुवार दोपहर को अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर रहा था। उसने दीवार में ही अलमारी बना दी। इस बात का उसके भाई विजय और ऊदल ने विरोध किया। उनका कहना था कि दीवार दोनों की आधी-आधी है। अलमारी उनके हिस्से में बना ली गई। इस बात पर तीनों भाइयों में गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई। उनमें लाठियां चली। विजय के बेटे नरेश और बाबू भी आ गए। थान सिंह के बेटे गंभीर सिंह और रामरज ने बचाव किया। थान सिंह लाठी लगने से गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घायल नरेश, गंभीर और रामरज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से आरोपी भाई फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इंस्पेक्टर लेखराज सिंह ने बताया कि विजय और ऊदल से झगड़ा हुआ था। उनकी तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों के बचाने पर भी नहीं माने
भाइयों में झगड़ा हुआ तो वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। शोरशराबा होने पर गांव के लोग पहुंच गए। उन्होंने बीचबचाव कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
नंदा का नगला निवासी मानिकचंद के चार बेटे थे। इनमें से सोमदत्त की मौत हो चुकी है। तीन बेटे थान सिंह, विजय और ऊदल परिवार सहित गांव में एक मकान में अलग-अलग रहते हैं। सोमदत्त का परिवार भी इसी मकान में रहता है। मानिकचंद की पत्नी चमेली देवी ने पिछले दिनों तीनों बेटे में मकान का बंटवारा कर दिया था। इस पर थान सिंह गुरुवार दोपहर को अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर रहा था। उसने दीवार में ही अलमारी बना दी। इस बात का उसके भाई विजय और ऊदल ने विरोध किया। उनका कहना था कि दीवार दोनों की आधी-आधी है। अलमारी उनके हिस्से में बना ली गई। इस बात पर तीनों भाइयों में गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई। उनमें लाठियां चली। विजय के बेटे नरेश और बाबू भी आ गए। थान सिंह के बेटे गंभीर सिंह और रामरज ने बचाव किया। थान सिंह लाठी लगने से गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घायल नरेश, गंभीर और रामरज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से आरोपी भाई फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इंस्पेक्टर लेखराज सिंह ने बताया कि विजय और ऊदल से झगड़ा हुआ था। उनकी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
ग्रामीणों के बचाने पर भी नहीं माने
भाइयों में झगड़ा हुआ तो वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। शोरशराबा होने पर गांव के लोग पहुंच गए। उन्होंने बीचबचाव कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
विज्ञापन