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बाइकर्स गैंग ने एक और महिला से चेन लूटी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2016 12:10 AM IST
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लूट
- फोटो : अमर उजाला
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एक और दिन, एक और चेन लूट। शहर में यह रोज की कहानी हो गई है। बाइकर्स गैंग पुलिस की ढिलाई का पूरा फायदा उठाते हुए एक के बाद एक नान स्टाप वारदात किए जा रहा है। बुधवार को सिकंदरा - बोदला रोड पर महिला की चेन लूटी गई। पुलिस सूचना के आधा घंटा बाद पहुंची। तब तक बदमाश बड़े आराम से बहुत दूर जा चुके थे।
आवास विकास सेक्टर आठ के रामशंकर की पत्नी पुष्पा डाक्टर केपास गई थी। वहां से अपनी मामी के साथ रिक्शा से लौट रहीं थी। सिकंदरा- बोदला रोड पर पीछे से बाइकर्स गैंग के बदमाश आए। गले में सोने की चेन देखी और झपट्टा मार दिया। पुष्पा जोर से चिल्लाई। उनके सामने से ही बदमाश भाग गए। राह चलते लोग उनसे पूछने लगे क्या हुआ ? लेकिन कोई बदमाशों के पीछे नहीं भागा। पुलिस को फोन से सूचना दी गई। आधा घंटा बाद बाइक पर सिपाही पहुंचे।
बता दें, यह गिरोह लगातार वारदात कर रहा है। इसके न पकड़े जाने से यह भी साफ नहीं हो पा रहा कि गिरोह एक ही है या एक ही तरीके से काम करने वाले कई हैं। पिछले 40 दिन में शहर में कम से कम 50 वारदात हो चुकी हैं। पर्स, चेन और कैश लूट रहे है बदमाश। कई घटनाएं तो पुलिस ने दर्ज भी नहीं की हैं।
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स्केच तक नहीं बनवाए
पुलिस से और क्या उम्मीद की जाए। बदमाशों को पकड़ने की कोशिश ही नहीं। बाइकर्स गैंग की शिकार बनी महिलाओं में से कई ने बदमाशों के चेहरे देखे हैं। पुलिस ने इनकी मदद से बदमाशों के स्केच तक बनवाना जरूरी नहीं समझा।
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आवास विकास सेक्टर आठ के रामशंकर की पत्नी पुष्पा डाक्टर केपास गई थी। वहां से अपनी मामी के साथ रिक्शा से लौट रहीं थी। सिकंदरा- बोदला रोड पर पीछे से बाइकर्स गैंग के बदमाश आए। गले में सोने की चेन देखी और झपट्टा मार दिया। पुष्पा जोर से चिल्लाई। उनके सामने से ही बदमाश भाग गए। राह चलते लोग उनसे पूछने लगे क्या हुआ ? लेकिन कोई बदमाशों के पीछे नहीं भागा। पुलिस को फोन से सूचना दी गई। आधा घंटा बाद बाइक पर सिपाही पहुंचे।
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बता दें, यह गिरोह लगातार वारदात कर रहा है। इसके न पकड़े जाने से यह भी साफ नहीं हो पा रहा कि गिरोह एक ही है या एक ही तरीके से काम करने वाले कई हैं। पिछले 40 दिन में शहर में कम से कम 50 वारदात हो चुकी हैं। पर्स, चेन और कैश लूट रहे है बदमाश। कई घटनाएं तो पुलिस ने दर्ज भी नहीं की हैं।
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स्केच तक नहीं बनवाए
पुलिस से और क्या उम्मीद की जाए। बदमाशों को पकड़ने की कोशिश ही नहीं। बाइकर्स गैंग की शिकार बनी महिलाओं में से कई ने बदमाशों के चेहरे देखे हैं। पुलिस ने इनकी मदद से बदमाशों के स्केच तक बनवाना जरूरी नहीं समझा।