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‘वेलकम टू वर्स्ट प्लेस ऑन अर्थ आगरा’
‘वेलकम टू वर्स्ट प्लेस ऑन अर्थ आगरा’
Updated Sun, 20 Mar 2016 02:31 AM IST
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‘वेलकम टू वर्स्ट प्लेस ऑन अर्थ आगरा’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वाट्सएप ग्रुपों पर मांस काटते और पकाते हुए फोटो में दिखने वाले प्रकरण में शामिल बुल्गारिया के एक छात्र ने शनिवार को अपने फेसबुक एकाउंट पर आगरा शहर के बारे में अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट की। इसमें वेलकम टू वर्स्ट प्लेस ऑन अर्थ आगरा (दुनिया के सबसे बुरे शहर आगरा में आपका स्वागत है) लिखा। छात्र यहीं नहीं रुका उसने आगे लिखा है कि अपना साधारण डिनर भी खाओगे तो बेवकूफों के झुंडों के हाथों मारे जाओगे। इस पोस्ट के साथ ही उसने केंद्रीय हिंदी संस्थान में बीफ पार्टी की खबर प्रकाशित करने वाले अखबार की खबर भी पोस्ट की। इस पर उसके फेसबुक साथियों ने लाइक भी किया है। हालांकि विवाद होने पर देर शाम उसने अपने अकाउंट से पोस्ट डिलीट कर दिया।
पढ़ते हैं 26 देशों के 72 विद्यार्थी
- संस्थान में 26 देशों के 72 छात्र-छात्राएं हैं। इसमें साउथ कोरिया के दस, श्रीलंका और चीन के नौ-नौ छात्र हैं। अफगानिस्तान-उजबेकिस्तान से एक-एक, तजाकिस्तान के दो, बुल्गारिया के पांच छात्र हैं। इनका सत्र अगस्त से अप्रैल तक चलता है।
हास्टल में पकाते रहते हैं खाना
- मैस सूत्र बताते हैं कि समुदाय विशेष के विदेशी छात्र मैस से खाना नहीं खाते। ये कभी-कभार मैस की आमलेट, चाय-कापी का ही इस्तेमाल करते हैं। ये अक्सर बाहर ही खाना खाते हैं और हास्टल में पैक कराके लाते हैं। हास्टल सूत्र बताते हैं कि यहां आए दिन कुछ न कुछ पकाया जाता है। आलाधिकारियों को इसकी भनक भी है।
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वजीरपुरा से खरीदा गया मीट
- जिस मीट को पकाने पर हल्ला हो रहा है। उसे वजीरपुरा स्थित मीट की दुकान से खरीदा गया बताया जा रहा है। दुकानदार आर्डर पर हास्टल में कच्चा मांस भी सप्लाई करता है। इसका फोटो भी वाट्सएप ग्रुप पर चल रहा है।
संस्थान हिंदी, संस्कृति विदेशी
- संस्थान जरूर विदेशी छात्रों को हिंदी और यहां की संस्कृति के बारे में शिक्षा देने का कार्य करता है। लेकिन स्थिति ठीक उलट है। यहां देर रात तक छात्र-छात्राएं हास्टल से बाहर रहते हैं। एकदूसरे के कमरों में भी देर रात तक आवाजाही रहती है। स्मोकिंग और यहां तक शराब का सेवन के भी शिकायतें हैं। कई बार आपत्तिजनक हालात में छात्र-छात्राएं मिले। संस्थान प्रशासन ने कभी सख्ती नहीं बरती।
सरकारी खर्च पर छात्रों को दिल्ली का टूर
- मामले को दबाने के लिए संस्थान प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। आरोपी छात्रों को शुक्रवार की देर रात ही संस्थान से बाहर भेज दिया। सूत्र बताते हैं कि इन्हें संस्थान ने अपने खर्चे पर दिल्ली भेजा है। सभी को मौके पर ही हजार-हजार रुपये दिए गए।
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पढ़ते हैं 26 देशों के 72 विद्यार्थी
- संस्थान में 26 देशों के 72 छात्र-छात्राएं हैं। इसमें साउथ कोरिया के दस, श्रीलंका और चीन के नौ-नौ छात्र हैं। अफगानिस्तान-उजबेकिस्तान से एक-एक, तजाकिस्तान के दो, बुल्गारिया के पांच छात्र हैं। इनका सत्र अगस्त से अप्रैल तक चलता है।
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हास्टल में पकाते रहते हैं खाना
- मैस सूत्र बताते हैं कि समुदाय विशेष के विदेशी छात्र मैस से खाना नहीं खाते। ये कभी-कभार मैस की आमलेट, चाय-कापी का ही इस्तेमाल करते हैं। ये अक्सर बाहर ही खाना खाते हैं और हास्टल में पैक कराके लाते हैं। हास्टल सूत्र बताते हैं कि यहां आए दिन कुछ न कुछ पकाया जाता है। आलाधिकारियों को इसकी भनक भी है।
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वजीरपुरा से खरीदा गया मीट
- जिस मीट को पकाने पर हल्ला हो रहा है। उसे वजीरपुरा स्थित मीट की दुकान से खरीदा गया बताया जा रहा है। दुकानदार आर्डर पर हास्टल में कच्चा मांस भी सप्लाई करता है। इसका फोटो भी वाट्सएप ग्रुप पर चल रहा है।
संस्थान हिंदी, संस्कृति विदेशी
- संस्थान जरूर विदेशी छात्रों को हिंदी और यहां की संस्कृति के बारे में शिक्षा देने का कार्य करता है। लेकिन स्थिति ठीक उलट है। यहां देर रात तक छात्र-छात्राएं हास्टल से बाहर रहते हैं। एकदूसरे के कमरों में भी देर रात तक आवाजाही रहती है। स्मोकिंग और यहां तक शराब का सेवन के भी शिकायतें हैं। कई बार आपत्तिजनक हालात में छात्र-छात्राएं मिले। संस्थान प्रशासन ने कभी सख्ती नहीं बरती।
सरकारी खर्च पर छात्रों को दिल्ली का टूर
- मामले को दबाने के लिए संस्थान प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। आरोपी छात्रों को शुक्रवार की देर रात ही संस्थान से बाहर भेज दिया। सूत्र बताते हैं कि इन्हें संस्थान ने अपने खर्चे पर दिल्ली भेजा है। सभी को मौके पर ही हजार-हजार रुपये दिए गए।