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आगरा में मिला मणिपुर का इंजीनियर, एटीएस कर रही थी तलाश, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
Thu, 27 Dec 2018 02:19 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 27 Dec 2018 02:19 PM IST
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अपहरण
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मणिपुर से डेढ़ महीने पहले लापता हुआ इंजीनियर युवक वजीरपुरा में रह रहा था। परिजनों ने उल्फा संगठन पर अपहरण का शक जताया था। उसकी तलाश में वहां की पुलिस और यूपी एटीएस भी लगी थी। एटीएस ने दो दिन पहले उसे बरामद कर लिया। वहीं अपहरण की कहानी भी झूठी निकली।
मणिपुर के विष्णुपुर थाना क्षेत्र का डोरेन सिंह बीटेक करने के बाद बंगलूरू में नौकरी कर रहा था। नवंबर में वो घर आया था। नौ नवंबर को लापता हो गया। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि डोरेन का अपहरण उल्फा संगठन ने किया।
इस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद मणिपुर में प्रदर्शन हुए। पुलिस प्रशासन डोरेन की तलाश में जुट गया। दस दिन पहले उसकी लोकेशन आगरा में आई। इस पर मणिपुर के डीजीपी ने उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इस पर एटीएस को लगाया गया।
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मणिपुर के विष्णुपुर थाना क्षेत्र का डोरेन सिंह बीटेक करने के बाद बंगलूरू में नौकरी कर रहा था। नवंबर में वो घर आया था। नौ नवंबर को लापता हो गया। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि डोरेन का अपहरण उल्फा संगठन ने किया।
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इस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद मणिपुर में प्रदर्शन हुए। पुलिस प्रशासन डोरेन की तलाश में जुट गया। दस दिन पहले उसकी लोकेशन आगरा में आई। इस पर मणिपुर के डीजीपी ने उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इस पर एटीएस को लगाया गया।
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किराये पर रहा था डोरेन
दो दिन पहले एटीएम टीम आगरा आई। वजीरपुरा में एक मकान में दबिश देकर डोरेन को बरामद कर लिया। पुलिस ने थाना हरीपर्वत में आमद कराने के बाद डोरेन को साथ ले जाने के लिए कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लिया। दिल्ली जाने के बाद टीम फ्लाइट से उसे मणिपुर ले गई।
इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत महेश चंद्र गौतम ने बताया कि युवक पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज था। वह लापता हो गया था। इस पर उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। एटीएस उसे अपने साथ ले गई।
कर्जदारों से बचने के लिए अपहरण का ड्रामा
एटीएस सूत्रों ने बताया कि डोरेन पर विष्णुपुर थाना में डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। कर्जदारों से बचने के लिए ही उसने अपहरण का ड्रामा किया था। उसने आगरा के ही एक शिक्षण संस्थान से बीटेक किया था। तब वह वजीरपुरा में ही रहता था। पुरानी पहचान से ही उसने फिर से कमरा ले लिया था। मगर, पुलिस ने उसे खोज निकाला।
पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसका अपहरण उल्फा संगठन ने किया था। मगर, बाद में छोड़ दिया। उससे कहा कि वो आगरा में जाकर रहे। अगर, किसी को बताया तो वो उसके मां-बाप की हत्या कर देंगे। इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया। मगर, उसकी कहानी झूठी थी। उसके अपहरण का मुकदमा खारिज कर दिया गया है। उसे धोखाधड़ी के मामले में थाना पुलिस के हवाले किया गया।
इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत महेश चंद्र गौतम ने बताया कि युवक पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज था। वह लापता हो गया था। इस पर उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। एटीएस उसे अपने साथ ले गई।
कर्जदारों से बचने के लिए अपहरण का ड्रामा
एटीएस सूत्रों ने बताया कि डोरेन पर विष्णुपुर थाना में डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। कर्जदारों से बचने के लिए ही उसने अपहरण का ड्रामा किया था। उसने आगरा के ही एक शिक्षण संस्थान से बीटेक किया था। तब वह वजीरपुरा में ही रहता था। पुरानी पहचान से ही उसने फिर से कमरा ले लिया था। मगर, पुलिस ने उसे खोज निकाला।
पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसका अपहरण उल्फा संगठन ने किया था। मगर, बाद में छोड़ दिया। उससे कहा कि वो आगरा में जाकर रहे। अगर, किसी को बताया तो वो उसके मां-बाप की हत्या कर देंगे। इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया। मगर, उसकी कहानी झूठी थी। उसके अपहरण का मुकदमा खारिज कर दिया गया है। उसे धोखाधड़ी के मामले में थाना पुलिस के हवाले किया गया।