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पुलिस अभिरक्षा से एक और बंदी फरार

Fri, 02 Dec 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 02 Dec 2016 12:38 AM IST
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Another prisoner who escaped from police custody
कचहरी की हवालात के सामने तैनात पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लगी - फोटो : अमर उजाला
कचहरी से पेशी पर लाया गया चोरी का आरोपी बंदी पवन कुमार पुलिस वाहन (ट्रक) का फर्श तोड़कर फरार हो गया। वाहन में लाए गए अन्य बंदियों ने शोर मचाकर उसे भागने में मदद की ताकि पुलिस को पता न चल पाए। हवालात पर तैनात पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लग सकी। 15 मिनट बाद घटना का पता चला तो हड़कंप मच गया। लापरवाही के आरोप में वाहन चालक सहित परिवहन शाखा के हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दीवानी कचहरी से ही पिछले सप्ताह पुलिस कस्टडी से हत्यारोपी बंदी फरार हुआ था।
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पुलिस लाइन के चालक हमवीर और हेड कांस्टेबल (परिवहन शाखा) राजेश सरकारी वाहन में तकरीबन 50 बंदियों को जिला जेल से बुधवार सुबह 11 बजे कचहरी लाए थे। शाम तकरीबन पांच बजे बंदियों को पेशी के बाद पुलिस वाहन में बैठा दिया गया। कुछ नए बंदियों के वारंट मिलने का इंतजार किया जा रहा था। तभी वाहन में मौजूद बंदियों ने पुलिस वाहन के कमजोर फर्श को लात मारकर तोड़ दिया।
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इस दौरान कुछ बंदियों ने शोर मचाया लेकिन बाहर तैनात पुलिसकर्मी समझ नहीं सके। फर्श टूटने पर थाना सिकंदरा से चोरी के आरोप में जेल में बंद पवन पुत्र हाकिम सिंह निवासी दहतोरा, सिकंदरा निकलकर भाग गया। तकरीबन 15 मिनट बाद हवालात पर तैनात पुलिसकर्मियों को पता चल सका।
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सूचना पर दीवानी चौकी प्रभारी और आरआई पहुंच गए। उन्होंने बंदी की तलाश कराई लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। सिकंदरा पुलिस को सूचना दी गई। इस पर पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी लेकिन मुल्जिम घर नहीं पहुंचा था। इस मामले में थाना न्यू आगरा में बंदी सहित गाड़ी के चालक और हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
15 दिन पहले भेजा था जेल
इंस्पेक्टर थाना सिकंदरा ने बताया कि क्षेत्र में हुई चोरी के मामले में 15 दिन पहले पवन को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। उसके पास से चोरी का माल बरामद हुआ था। उस पर दो मुकदमे दर्ज हैं। उसकी तलाश की जा रही है। 


पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है। पुलिस वाहन सही कंडीशन में नहीं था। इस मामले में चालक और हेड कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। एएसपी हरीपर्वत को जांच सौंपी गई है। 
डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी 
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