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जब राज की गलती पर फंस गया राजा, आधार कार्ड से बची जान
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 10 Jul 2017 04:28 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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आगरा के थाना हरीपर्वत के मोहनगढ़ में वारंटी राज को पकड़ने गई पुलिस धोखे में उसके भाई राजा को उठा लाई। परिवारीजनों ने थाने में दोनों भाइयों के आधार कार्ड दिखाए। तब पुलिस को विश्वास हुआ। 12 घंटे बाद ही उसे छोड़ा गया।
मोहनगढ़ निवासी राज और उसके भाई राजा का वर्ष 2014 में मोहल्ले के ही युवकों से झगड़ा हो गया था। इस मामले में दोनों भाइयों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की विवेचना में राज का नाम निकल गया।
हालांकि कोर्ट ने राज को तलब किया है। उसके खिलाफ वारंट जारी किए हैं। पुलिस ने शनिवार रात को राज को कोर्ट में पेश करने के लिए उसके घर पर दबिश दी। राज तो नहीं मिला लेकिन पुलिस उसके भाई राजा को पकड़कर थाने ले आई। पुलिस उसे ही राज मान रही थी। हालांकि राजा का कहना था कि दर्ज मुकदमे में वह भी नामजद था।
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पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। वह जमानत पर छूटा था। मगर वह राज नहीं है। दरोगा उसकी बात को मानने को ही तैयार नहीं थे। रविवार दोपहर को घरवालों ने पुलिस को राज और राजा के आधार कार्ड दिखाए। उस पर दोनों के फोटो भी लगे हुए थे। इसके बाद ही पुलिस को उनके अलग-अलग होने का विश्वास हुआ। तब कहीं राजा को छोड़ा गया।
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मोहनगढ़ निवासी राज और उसके भाई राजा का वर्ष 2014 में मोहल्ले के ही युवकों से झगड़ा हो गया था। इस मामले में दोनों भाइयों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की विवेचना में राज का नाम निकल गया।
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हालांकि कोर्ट ने राज को तलब किया है। उसके खिलाफ वारंट जारी किए हैं। पुलिस ने शनिवार रात को राज को कोर्ट में पेश करने के लिए उसके घर पर दबिश दी। राज तो नहीं मिला लेकिन पुलिस उसके भाई राजा को पकड़कर थाने ले आई। पुलिस उसे ही राज मान रही थी। हालांकि राजा का कहना था कि दर्ज मुकदमे में वह भी नामजद था।
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पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। वह जमानत पर छूटा था। मगर वह राज नहीं है। दरोगा उसकी बात को मानने को ही तैयार नहीं थे। रविवार दोपहर को घरवालों ने पुलिस को राज और राजा के आधार कार्ड दिखाए। उस पर दोनों के फोटो भी लगे हुए थे। इसके बाद ही पुलिस को उनके अलग-अलग होने का विश्वास हुआ। तब कहीं राजा को छोड़ा गया।