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एक्सक्लूसिव: थानों का चक्कर छूटा... छह महीने में 110 पीड़ितों ने दर्ज कराई ई-एफआईआर
Tue, 15 Dec 2020 05:04 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 15 Dec 2020 05:04 AM IST
सार
- कोरोना काल में लोगों ने घर बैठे पुलिस की वेबसाइट और एप का ज्यादा लिया सहारा
- वाहन चोरी, पर्स गुम या चोरी हो जाना, मोबाइल चोरी या गुम हो जाना जैसे मामलों की ऑनलाइन दर्ज कराई रिपोर्ट
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यूपीकॉप एप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ताजनगरी के लोगों को ई-एफआईआर रास आ रही है। छह महीने में 110 ने घर बैठे उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट और यूपीकॉप एप के जरिए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें 70 ने लॉकडाउन के दौरान कराई। इनमें 60 फीसदी मामले मोबाइल और पर्स गुम हो जाने के हैं। इन मामलों की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काटने पड़ते थे लेकिन ई-एफआईआर ने इस झंझट से मुक्ति दिला दी। इससे पहले जनवरी और फरवरी में सिर्फ पांच ही मामले आए थे।
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तब आगरा पुलिस ने ई-एफआईआर के बारे में लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया था लेकिन तब इसका असर नहीं हुआ। जून के बाद से तेजी आई है। शाहगंज, हरीपर्वत, जगदीशपुरा, एत्माद्दौला, न्यू आगरा थाना में ये केस दर्ज कराए गए हैं। हरीपर्वत में वाहन चोरी के दस मामलों में ई-एफआईआर कराई गई है। यहां बाइक चोरी पूरे जिले में सबसे ज्यादा होती है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
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ई-थाने में दर्ज होती है रिपोर्ट
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि लखनऊ में ई-थाना खोला गया है। पूरे प्रदेश से जो भी रिपोर्ट यूपी पुलिस की वेबसाइट या एप यूपीकॉप के जरिए दर्ज कराई जाती है, वह ई-थाना में जाती है। वहां से संबंधित थाना को भेजी जाती है। थाना में उसे दर्ज कर लिया जाता है।
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ऐसे दर्ज होती है ई एफआईआर
- यूपी पुलिस की वेबसाइट www.uppolice.com और एप यूपी कॉप पर इसका विकल्प दिया गया है।
- एफआईआर दर्ज कराने के लिए इस एप को डाउनलोड करना होगा।
- वेबसाइट का एप को खोलने पर एक आइकन एफआईआर का आता है। इसे क्लिक करने पर फार्मेट आ जाएगा।
- जैसे तहरीर लिखते हैं, वैसे ही फार्मेट पर घटना की जानकारी देनी है और सबमिट कर देना है। एफआईआर दर्ज हो जाने पर इसका प्रिंट भी निकाला जा सकता है।
शर्त : नामजदगी नहीं होनी चाहिए
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वाहन चोरी, पर्स गुम या चोरी हो जाना, मोबाइल चोरी या गुम हो जाना, वाहन लूट जैसे मामलों में ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। इसमें शर्त यह है कि किसी को नामजद नहीं किया जाना चाहिए। दूसरा, अगर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई तो कार्रवाई हो सकती है। ई-एफआईआर की विवेचना भी वैसे ही होती है, जैसे थाने में जाकर दर्ज कराई गई रिपोर्ट की होती है।
- यूपी पुलिस की वेबसाइट www.uppolice.com और एप यूपी कॉप पर इसका विकल्प दिया गया है।
- एफआईआर दर्ज कराने के लिए इस एप को डाउनलोड करना होगा।
- वेबसाइट का एप को खोलने पर एक आइकन एफआईआर का आता है। इसे क्लिक करने पर फार्मेट आ जाएगा।
- जैसे तहरीर लिखते हैं, वैसे ही फार्मेट पर घटना की जानकारी देनी है और सबमिट कर देना है। एफआईआर दर्ज हो जाने पर इसका प्रिंट भी निकाला जा सकता है।
शर्त : नामजदगी नहीं होनी चाहिए
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वाहन चोरी, पर्स गुम या चोरी हो जाना, मोबाइल चोरी या गुम हो जाना, वाहन लूट जैसे मामलों में ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। इसमें शर्त यह है कि किसी को नामजद नहीं किया जाना चाहिए। दूसरा, अगर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई तो कार्रवाई हो सकती है। ई-एफआईआर की विवेचना भी वैसे ही होती है, जैसे थाने में जाकर दर्ज कराई गई रिपोर्ट की होती है।