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आगरा से जुड़े जासूस फरहत खान के तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:36 AM IST
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जासूसी के आरोप में पकड़े गए कैराना निवासी फरहत खान के तार आगरा से जुड़े मिले हैं। खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि उसने यहां के कई शिक्षण संस्थानों को नेताओं से मोटा चंदा दिलाया। फतेहपुर सीकरी के दो संस्थानों में तो वह स्वयं कई बार आया था। इन्हें आर्थिक मदद भी मुहैया कराई। खुफिया एजेंसियां उसके संपर्क में रहे लोगों की सूची बना रही हैं।
मालूम किया जा रहा है कि मदद करने के पीछे उसका क्या मकसद रहा। उसे पांच दिन पहले जासूसी करने के आरोप में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। खुफिया पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उसके मोबाइल की कॉल डिटेल में आगरा के कई लोगों के नंबर मिले। यह भी पता चला कि वह इनसे मिलने के लिए यहां कई बार आया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनकी रिश्तेदारी पाकिस्तान के कराची में है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ऐसे लोगों को स्लीपिंग माड्यूल के रूप में तैयार करती रही है। फरहत कैराना का रहने वाला है। यहां के काफी लोगों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में है। इन्हें लालच देकर आईएसआई जाली करेंसी, ड्रग्स और अवैध असलाह का कारोबार लंबे समय से चला रहा है। फरहत खान के आगरा कनेक्शन को इसलिए भी गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि यहां सिमी के सदस्य भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
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आगरा जोन के अलीगढ़ में ही सिमी की स्थापना हुई थी। आगरा और मथुरा में सिमी की गतिविधियां कई बार सामने आ चुकी हैं। आगरा जनपद की 50 शिक्षण संस्थाओं की फंडिंग की पहले से ही खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं। हालांकि फरहत के तार आगरा से जुड़ने की स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं। केंद्र की खुफिया एजेंसी जांच में लगी हैं। स्थानीय पुलिस के उच्च अधिकारी ने बताया कि अभी तक उनसे इस बारे में सूचनाएं साझा नहीं की गई हैं।
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मालूम किया जा रहा है कि मदद करने के पीछे उसका क्या मकसद रहा। उसे पांच दिन पहले जासूसी करने के आरोप में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। खुफिया पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उसके मोबाइल की कॉल डिटेल में आगरा के कई लोगों के नंबर मिले। यह भी पता चला कि वह इनसे मिलने के लिए यहां कई बार आया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनकी रिश्तेदारी पाकिस्तान के कराची में है।
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ऐसे लोगों को स्लीपिंग माड्यूल के रूप में तैयार करती रही है। फरहत कैराना का रहने वाला है। यहां के काफी लोगों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में है। इन्हें लालच देकर आईएसआई जाली करेंसी, ड्रग्स और अवैध असलाह का कारोबार लंबे समय से चला रहा है। फरहत खान के आगरा कनेक्शन को इसलिए भी गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि यहां सिमी के सदस्य भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
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आगरा जोन के अलीगढ़ में ही सिमी की स्थापना हुई थी। आगरा और मथुरा में सिमी की गतिविधियां कई बार सामने आ चुकी हैं। आगरा जनपद की 50 शिक्षण संस्थाओं की फंडिंग की पहले से ही खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं। हालांकि फरहत के तार आगरा से जुड़ने की स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं। केंद्र की खुफिया एजेंसी जांच में लगी हैं। स्थानीय पुलिस के उच्च अधिकारी ने बताया कि अभी तक उनसे इस बारे में सूचनाएं साझा नहीं की गई हैं।