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बेटियों को कोख में मारने का धंधा करने वाली समाजसेवी डाक्टर गिरफ्तार

Fri, 14 Jul 2017 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Fri, 14 Jul 2017 10:43 PM IST
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agra gynecologist arrested for involvement in foeticide
भ्रूण लिंग परीक्षण - फोटो : अमर उजाला
सदर के चोपड़ा सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल की संचालक डा. निर्मल चोपड़ा (एमबीबीएस, एमएस) को शुक्रवार दोपहर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए हॉस्पिटल से ही गिरफ्तार कर लिया गया। राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने यह कार्रवाई की। इसमें हॉस्पिटल की रिसेप्शनिस्ट तनिशा शर्मा के अलावा नेत्रपाल और महिपाल नाम के दो दलाल गिरफ्तार हुए। 
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सोनोग्राफी से भ्रूण का लिंग बताने के लिए डाक्टर 30 हजार रुपये लेती थी। इनमें से 15 हजार खुद रखती थी। पांच-पांच हजार रिसेप्शनिस्ट और दलालों को दिए जाते थे। डाक्टर से 30 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। डा. चोपड़ा आईएमए आगरा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
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हॉस्पिटल की रजिस्टर्ड सोनोग्राफी मशीन को सीज कर दिया गया। पीसीपीएनडीटी टीम के प्रभारी नवीन जैन ने बताया कि  इस बारे में लंबे समय से सूचना मिल रही थी। उसके पास भरतपुर से महिलाएं जा रही थीं।
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उसे पकड़ने के लिए प्लान तैयार किया गया। भरतपुर से गर्भवती महिला को लेकर टीम का सदस्य आगरा आया। यहां चोपड़ा नर्सिंग होम में तनिशा से मिला। वह भी दलाली करती थी। उसने बताया कि 30 हजार रुपये देने होंगे। गर्भवती महिला ने 30 हजार रुपये दे दिए।

इसके बाद उसकी सोनोग्राफी कराई गई। डाक्टर निर्मल चोपड़ा ने जैसे ही भ्रूण का लिंग बताया, वैसे ही उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से 30 हजार रुपये भी बरामद हो गए। नोटों के नंबर पहले ही नोट कर लिए गए थे। वही नोट मिले।

बेटियों की हत्या भी की जा रही थी

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भ्रूण लिंग परीक्षण - फोटो : अमर उजाला
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर भरतपुर ले जाया गया। वहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इसमें ही यह जानकारी आई है कि जिस महिला के गर्भ में बेटी होती थी, उससे और उसके परिवार से तनिशा बात करती थी। उनसे पूछा जाता था कि वह बच्ची को जन्म देना चाहती है या फिर गर्भपात चाहती है। ज्यादातर लोग गर्भपात के लिए राजी हो जाते थे। उनसे 20 हजार और ( कुल मिलाकर 50 हजार ) लिए जाते थे। इसकेबाद हॉस्पिटल में  गर्भपात कर दिया जाता था यानी बेटियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जाता था।

चेहरे पर ओढ़ रखा था समाजसेवी का नकाब

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डाक्टर निर्मल चोपड़ा (सबसे बाएं) - फोटो : अमर उजाला
डाक्टर निर्मल चोपड़ा आईएमए आगरा की अध्यक्ष रह चुकी हैं। 2007 से 2009 तक लगातार दो बार इस पद पर रहीं। वह सदर बाजार की कई एसोसिएशन से जुड़ी हैं। कई संगठनों में प्रमुख पदों पर रही हैं। उन्होंने अपनी इमेज समाजसेवी की बना रखी थी। कोई नहीं जानता था कि यह सिर्फ नकाब है। गिरफ्तारी हुई तो यह नकाब भी उतर गया। वह अपने भाषणों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा भी देती थी। अब लग रहा है कि यह सब ढोंग था।
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