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खुलासा: आगरा केंद्रीय कारागार के बंदी रक्षकों की मदद से किया गया था फिरौती के लिए फोन

Sat, 06 Jul 2019 12:25 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 06 Jul 2019 12:25 AM IST
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agra central jail prisoner make threaten phone call for ransom
केंद्रीय कारागार आगरा
आगरा केंद्रीय कारागार में बंद कैदी द्वारा मांगी गई फिरौती प्रकरण में पुलिस जांच रिपोर्ट तैयार कर रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि फोन कराने में तीन बंदी रक्षकों ने मदद की थी। पुलिस ने उनके बयान भी दर्ज किए हैं। इसकी रिपोर्ट जज्द ही जेल के अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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12 मार्च को कासगंज के सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव भिदौनी से 10 वर्षीय बालक अचल सिंह का अपहरण हो गया था। इस घटना के बाद आगरा केंद्रीय जेल में बंद कुख्यात कैदी धांसू सिंह बघेल ने धमकी भरा पत्र परिजनों को भेजा और फिरौती के लिए फोन किया।
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सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने केंद्रीय कारागार में कैदी से पूछताछ भी की थी। जेल से कॉल आने की बात का खुलासा होने पर जेल प्रशासन ने जेल से चिट्ठी और मोबाइल कॉल की जांच पड़ताल की तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ। 
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कैदी धांसू बघेल ने जेल कार्यालय में कार्य करने वाले कुछ कैदियों के माध्यम से फिरौती का पत्र भिजवाया था। इसके बाद बंदी रक्षकों के जरिए कॉल कराई। कोतवाली पुलिस बंदी रक्षकों के बयान दर्ज करने के बाद सेंट्रल जेल प्रशासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रही है।

पहले भी मिल चुका है कैदी के पास फोन

पिछले साल भी एक कैदी के पास मोबाइल फोन मिला था। तब सिपाही की भूमिका संदिग्ध मिली थी। उसका तबादला कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इसकी जानकारी मिलने पर जेल प्रशासन ने अपनी तरफ से कार्रवाई नहीं की। पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि बंदी रक्षकों के बयान दर्ज किए गए हैं। उनकी गलती पाई गई है। इसकी रिपोर्ट जेल अधिकारियों को भेजी जा रही है। उधर, डीआईजी जेल ने कहा कि पुलिस की रिपोर्ट मिलने जा इंतजार है। अगर बंदीरक्षकों की गलती पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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