कासगंज अपहरण-हत्याकांड: रंजिश में ली मासूम की जान, मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार, एक को लगी गोली
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में अपहरण के बाद 10 वर्षीय बालक की हत्या करने के तीन आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।
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कासगंज जिले के सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव पिथनपुर में अपहरण के बाद बालक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने गुरुवार की सुबह तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी को गोली लगी है। एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। दो अन्य आरोपी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों ने रंजिशन बालक की हत्या करने की बात कबूली है।
गांव पिथनपुर निवासी किशनवीर का दस वर्षीय बेटा लोकेश सोमवार सुबह लापता हो गया था। मंगलवार को जब फिरौती के लिए फोन आया तो अपहरण का पता चला। इधर पुलिस और एसटीएफ की टीम तलाश में जुटी रही। बुधवार रात बालक का शव बरामद करने के बाद पड़ताल तेज की गई। हत्या के मामले में गांव के ही राजबहादुर, अजय कुमार एवं गांव मनगई के अमरपाल पर आरोप लगा।
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पुलिस और एसटीएफ ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर लगभग तड़के 3:40 बजे सिढ़पुरा-अमांपुर मार्ग पर आरोपी अजय कुमार के होने की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ में एक सिपाही भी हुआ घायल
पुलिस आरोपी को चिकित्सालय ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई है। मुठभेड़ के दौरान आरक्षी देवेंद्र के भी चोटें आई हैं। इधर पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने फरार आरोपियों की तलाश की। एटा रोड से आरोपी अमरपाल एवं गांव पिथनपुर से मुख्य आरोपी राजबहादुर को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी मनोज सोनकर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की है तो हत्या का कारण स्पष्ट हुआ है। आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि आरोपी राजबहादुर एवं बालक के पिता किशनवीर के बीच खेत पर सबमर्सिबल लगाने को लेकर पूर्व में विवाद हुआ था, उसको लेकर रंजिश थी। इसी रंजिश में राजबहादुर ने अजय और अमरपाल को पैसों का लालच देकर बालक की हत्या करा दी।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मोबाइल पर गाना सुनाने के बहाने अजय और अमरपाल बालक को खेत पर ले गए थे। इसके बाद रस्सी से गला घोंटकर बालक की हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को बाजरा के पूरों में छिपा दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सोमवार सुबह ही बालक की हत्या कर दी थी और शव को छिपा दिया था। पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से फिरौती मांगी थी। जिससे कि पुलिस इधर उधर भटकती रहे। अपहरण का तो नाटक रचा गया था। उद्देश्य सिर्फ रंजिशन हत्या की गई थी।
एसपी मनोज सोनकर ने बताया कि बालक की हत्या के खुलासे के लिए एसटीएफ और पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके पैर में गोली लगी है। एक आरक्षी घायल हुआ है। दोनों अन्य आरोपियों को अलग अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की है।