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भूकंप के झटकों से खाली हुए मल्टीस्टोरी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 27 Oct 2015 02:04 AM IST
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हिंदूकुश की पहाड़ियों में 8.1 और 7.6 तीव्रता के भूकंप के झटकों को आगरा में भी महसूस किया गया। सोमवार दोपहर 2:39 और 2:40 बजे शहर में भूकंप के झटके लगे तो बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग पल भर में नीचे आ गए। शहर के होटलों से लेकर आफिसों तक में भूकंप की दहशत बनी रही।
दोपहर में भूकंप के झटकों ने एक बार फिर शहर के लोगों को दहशत में ला दिया। सबसे ज्यादा दहशत रही बहुमंजिला इमारतों में काम करने और रहने वालों में। संजय प्लेस की एलआईसी बिल्डिंग, आयकर भवन सहित शहीद स्मारक के पास की सभी इमारतें भूकंप के झटके महसूस होते ही खाली हो गई।
सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी और इन इमारतों में रहने वाले लोग नीचे उतर आए। हर कोई भूकंप की तीव्रता और केंद्र जानने में जुटा रहा। अफगानिस्तान में हिंदूकुश पहाड़ियों पर आए भूकंप की तीव्रता जानने के बाद लोग और दहशत में आ गए। हालांकि बीते दिनों आए भूकंप की तुलना में सोमवार को लगे झटके हल्के थे, लेकिन लोगों में दहशत का आलम ये रहा कि वह शाम तक अपने अपार्टमेंट में जाने से डरते रहे। बहुमंजिला होटलों में ठहरे पर्यटक भी होटल के गार्डन और पार्किंग में पहुंच गए।
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बिचपुरी लैब फिर हो सकती है शुरू
एक साल से बिचपुरी स्थित सीस्मोलोजी लैब बंद पड़ी है। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने यहां चल रहे शोध कार्यों और मानीटरिंग के लिए फंड देना बंद कर दिया था। नेपाल में आए भूकंप के बाद मंत्रालय ने बिचपुरी लैब को फिर शुरू कराने के लिए फाइल चलाई है। सीस्मोलोजी वैज्ञानिक डा. बीरबल सिंह के मुताबिक, नेपाल भूकंप के बाद अगर यह केंद्र शुरू हो जाता तो कई महत्वपूर्ण डेटा और संकेत मिल सकते थे, लेकिन अब फिर से यह शुरू कराने का प्रयास है। मंत्रालय के अधिकारियों ने अक्तूबर में ही बिचपुरी लैब का दौरा किया है।
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दोपहर में भूकंप के झटकों ने एक बार फिर शहर के लोगों को दहशत में ला दिया। सबसे ज्यादा दहशत रही बहुमंजिला इमारतों में काम करने और रहने वालों में। संजय प्लेस की एलआईसी बिल्डिंग, आयकर भवन सहित शहीद स्मारक के पास की सभी इमारतें भूकंप के झटके महसूस होते ही खाली हो गई।
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सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी और इन इमारतों में रहने वाले लोग नीचे उतर आए। हर कोई भूकंप की तीव्रता और केंद्र जानने में जुटा रहा। अफगानिस्तान में हिंदूकुश पहाड़ियों पर आए भूकंप की तीव्रता जानने के बाद लोग और दहशत में आ गए। हालांकि बीते दिनों आए भूकंप की तुलना में सोमवार को लगे झटके हल्के थे, लेकिन लोगों में दहशत का आलम ये रहा कि वह शाम तक अपने अपार्टमेंट में जाने से डरते रहे। बहुमंजिला होटलों में ठहरे पर्यटक भी होटल के गार्डन और पार्किंग में पहुंच गए।
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बिचपुरी लैब फिर हो सकती है शुरू
एक साल से बिचपुरी स्थित सीस्मोलोजी लैब बंद पड़ी है। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने यहां चल रहे शोध कार्यों और मानीटरिंग के लिए फंड देना बंद कर दिया था। नेपाल में आए भूकंप के बाद मंत्रालय ने बिचपुरी लैब को फिर शुरू कराने के लिए फाइल चलाई है। सीस्मोलोजी वैज्ञानिक डा. बीरबल सिंह के मुताबिक, नेपाल भूकंप के बाद अगर यह केंद्र शुरू हो जाता तो कई महत्वपूर्ण डेटा और संकेत मिल सकते थे, लेकिन अब फिर से यह शुरू कराने का प्रयास है। मंत्रालय के अधिकारियों ने अक्तूबर में ही बिचपुरी लैब का दौरा किया है।