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फर्जी शिक्षकों का अब लेखा विभाग में खंगाला जा रहा डाटा
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:45 PM IST
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अागरा विवि
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। बीएड की फर्जी डिग्री से बने शिक्षकों की जांच की कार्रवाई अब लेखा विभाग पहुंच गई है। बीएसए ने लेखा विभाग को फर्जी शिक्षकों के सभी देयकों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार से लेखा विभाग में फर्जी शिक्षकों के डाटा की छानबीन शुरू कर दी गई।
एसआईटी की जांच और हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन द्वारा भेजी गई फर्जी शिक्षकों की सीडी में अब तक जनपद में 77 शिक्षक फर्जी मिले हैं। इन शिक्षकों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी होने के बाद अब लेखा विभाग को वेतन व अन्य देयक रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
मंगलवार को बीएसए द्वारा फर्जी शिक्षकों की सूची गोपनीय वाहक से लेखाधिकारी को उपलब्ध करा दी गई। अब लेखाधिकारी गोपनीय तरीके से इन शिक्षकों के डाटा की जांच कर रहे हैं।
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लेखाधिकारी ने अपने कार्यालय में दो लिपिकों को फर्जी शिक्षकों के डाटा जांच कर वेतन व अन्य देयक भुगतान की सूची से बाहर किए जाने के निर्देश दिए हैं। लेखाधिकारी ने अधीनस्थों को निर्देश देते हुए बताया कि किसी कीमत पर एक भी फर्जी शिक्षक को वेतन व अन्य बकाया भुगतान न किया जाए।
लेखाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बीएसए द्वारा भेजी गई सूची प्राप्त हो चुकी है। सूची में शामिल शिक्षकों का वेतन व अन्य देयक रोकने का कार्य किया जा रहा है। ऑन लाइन वेतन भुगतान सूची से ऐसे शिक्षकों की जांच कर उनका नाम डिलीट किया जा रहा है।
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एसआईटी की जांच और हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन द्वारा भेजी गई फर्जी शिक्षकों की सीडी में अब तक जनपद में 77 शिक्षक फर्जी मिले हैं। इन शिक्षकों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी होने के बाद अब लेखा विभाग को वेतन व अन्य देयक रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंगलवार को बीएसए द्वारा फर्जी शिक्षकों की सूची गोपनीय वाहक से लेखाधिकारी को उपलब्ध करा दी गई। अब लेखाधिकारी गोपनीय तरीके से इन शिक्षकों के डाटा की जांच कर रहे हैं।
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लेखाधिकारी ने अपने कार्यालय में दो लिपिकों को फर्जी शिक्षकों के डाटा जांच कर वेतन व अन्य देयक भुगतान की सूची से बाहर किए जाने के निर्देश दिए हैं। लेखाधिकारी ने अधीनस्थों को निर्देश देते हुए बताया कि किसी कीमत पर एक भी फर्जी शिक्षक को वेतन व अन्य बकाया भुगतान न किया जाए।
लेखाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बीएसए द्वारा भेजी गई सूची प्राप्त हो चुकी है। सूची में शामिल शिक्षकों का वेतन व अन्य देयक रोकने का कार्य किया जा रहा है। ऑन लाइन वेतन भुगतान सूची से ऐसे शिक्षकों की जांच कर उनका नाम डिलीट किया जा रहा है।