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18 घंटे चली पूछताछ,फिर भी सामने नहीं आई सच्चाई
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:33 AM IST
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संजीव गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता को बरामद करने के बाद पुलिस अपनी पीठ भी थपथपा रही है और हर पहलू से संजीव गुप्ता को बचा भी रही है। संजीव गुप्ता को 18 घ्ंाटे तक कस्टडी में रखकर पूछताछ करने के बाद भी पुलिस स्पष्ट नहीं कर सकी है कि उसका अपहरण हुआ था या उसने खुद ही ड्रामा रचा था।
सवाल यह है कि पूर्व में शहर के प्रमुख उद्योगपति संजय मित्तल अपहरणकांड का मात्र चार घंटे में पूरा खुलासा करने वाली पुलिस 18 घंटे में भी सच क्यों नहीं बता पा रही। मीडिया के सवालों के बीच एसएसपी के चेहरे पर एसी में भी पसीना दिखाई दिया। उनके चेहरे के हावभाव सफलता वाले नहीं थे। कई बार पानी भी पिया।
पुलिस संजीव गुप्ता के अपहरण की बात को संदिग्ध बताकर अपना बचाव कर रही है। संजीव ने अपने अपहरण की जो कहानी पुलिस को बताई है उसको भी सार्वजनिक नहीं किया है। वहीं संजीव गुप्ता का कहना है कि उनकी कार में पहले से एक व्यक्ति पीछे छुप कर बैठ गया था। जैसे ही उन्होंने कार को होटल सागर रत्ना से आगे बढ़ाया तो उसने पिस्टल लगा दी।
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इस बीच रास्ते में एक और व्यक्ति मिल गया। दोनों लोग उसे अगवा कर ले गए। रास्ते में नशीला पदार्थ खिला दिया। इससे वह बेहोश हो गए। अपहरणकर्ताओं ने उनको भूखा तक रखा।
संजीव गुप्ता को जेल भेजने के पर्याप्त सबूत नहीं - एसएसपी
फिरोजाबाद। एसएसपी अजय कुमार ने मीडिया से कहा कि सटीक लोकेशन न मिलने के कारण संजीव की बरामदगी में दिक्कत आईं। जिस मोबाइल फोन से सौ करोड़ की फिरौती के लिए मैसेज भेजे गए थे, वह मोबाइल भी संजीव गुप्ता के पास से बरामद नहीं हो सका है। पानीपत से बरामद कर लाए गए संजीव गुप्ता से रात भर पूछताछ की गई थी।
उनके बयानों की रिकार्डिंग भी की गई है। संजीव गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने पर एसएसपी ने कहा कि जेल भेजने के लिए पुख्ता सबूत नहीं है। जांच पूरी होने पर संजीव गुप्ता को जेल भेजा जाएगा।
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, एएसपी एसटीएफ आगरा प्रशांत कुमार, सीओ टूंडला धर्मेंद्र सिंह यादव के साथ एसओजी प्रभारी शैलेंद्र यादव भी टीम के साथ मौजूद थे।
शातिर संजीव की भाजपा नेता ने कराई थी एसएसपी से मुलाकात
फिरोजाबाद । प्रेस वार्ता के बाद एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि उद्योगपति संजीव गुप्ता से वह अच्छी तरह से परिचित भी नहीं थे। एक बार वह भाजपा नेता कन्हैया लाल गुप्ता के साथ आफिस में मिलने आए थे। एसएसपी यहां तक कहने से नहीं चूके कि इस तरह का शातिर व्यक्ति उन्होंने पहली बार देखा है।
मिष्ठान-पानी के साथ केसर डालकर पिलाया दूध
फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता को पुलिस रात करीब दो बजे पानीपत से पुलिस लाइंस स्थित सभागार लेकर पहुंची। इससे पहले से 12 बजे व्यवस्था को कह दिया गया था। सूत्रों की माने तो पूछताछ के दौरान पुलिस ने संजीव गुप्ता को मिष्ठाई खिलाई। पानी पिलाया। फिर भी जवाब नहीं मिले तो केसर डालकर गाय का दूध पिलाया। इसके बाद संजीव गुप्ता पुलिस के हर सवाल का जवाब देते रहे। एसएसपी सुबह करीब पौने चार बजे तक उससे पूछताछ करते रहे।
पुलिस की गाड़ी से घर पहुंचे संजीव
फिरोजाबाद। मीडिया के सामने लाने के साथ ही संजीव गुप्ता को पुलिस लाइंस सभागार से आवास ऑर्चिट ग्रीन तक पुलिस अपनी ही गाड़ी से छोड़ने के लिए गई थी।
बेटे से बात कर टूट गया था संजीव
फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता ने शुक्रवार सुबह अंजान नंबर से बेटे के नंबर पर फोन कर बात की थी। बेटे से कहा कि मम्मी (सारिका गुप्ता) से बात कराओ तो बेटे ने कहा कि मम्मी से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस जानकारी के बाद संजीव टूट गया। संजीव ने फोन काटने के साथ ही सारिका गुप्ता के फोन पर फोन किया। इसके बाद पुलिस संजीव गुप्ता की बरामदगी को लेकर अलर्ट हुई। वहीं उद्योगपति संजीव गुप्ता को बरामद होने की खबर के बाद संजीव गुप्ता के सहकारोबारी उसकी कोठी पर पहुंचे थे। अंदर सन्नाटा और अंधकार के बीच सभी लोग गेट पर ही खड़े हो गए थे। इस बीच एक व्यक्ति कोठी से बाहर आया और गेट पर खड़े लोगों ने उससे एकांत में बातचीत की और वहां से चले गए। इन लोगों के हाथ में कुछ कागजात भी थे।
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सवाल यह है कि पूर्व में शहर के प्रमुख उद्योगपति संजय मित्तल अपहरणकांड का मात्र चार घंटे में पूरा खुलासा करने वाली पुलिस 18 घंटे में भी सच क्यों नहीं बता पा रही। मीडिया के सवालों के बीच एसएसपी के चेहरे पर एसी में भी पसीना दिखाई दिया। उनके चेहरे के हावभाव सफलता वाले नहीं थे। कई बार पानी भी पिया।
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पुलिस संजीव गुप्ता के अपहरण की बात को संदिग्ध बताकर अपना बचाव कर रही है। संजीव ने अपने अपहरण की जो कहानी पुलिस को बताई है उसको भी सार्वजनिक नहीं किया है। वहीं संजीव गुप्ता का कहना है कि उनकी कार में पहले से एक व्यक्ति पीछे छुप कर बैठ गया था। जैसे ही उन्होंने कार को होटल सागर रत्ना से आगे बढ़ाया तो उसने पिस्टल लगा दी।
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इस बीच रास्ते में एक और व्यक्ति मिल गया। दोनों लोग उसे अगवा कर ले गए। रास्ते में नशीला पदार्थ खिला दिया। इससे वह बेहोश हो गए। अपहरणकर्ताओं ने उनको भूखा तक रखा।
संजीव गुप्ता को जेल भेजने के पर्याप्त सबूत नहीं - एसएसपी
फिरोजाबाद। एसएसपी अजय कुमार ने मीडिया से कहा कि सटीक लोकेशन न मिलने के कारण संजीव की बरामदगी में दिक्कत आईं। जिस मोबाइल फोन से सौ करोड़ की फिरौती के लिए मैसेज भेजे गए थे, वह मोबाइल भी संजीव गुप्ता के पास से बरामद नहीं हो सका है। पानीपत से बरामद कर लाए गए संजीव गुप्ता से रात भर पूछताछ की गई थी।
उनके बयानों की रिकार्डिंग भी की गई है। संजीव गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने पर एसएसपी ने कहा कि जेल भेजने के लिए पुख्ता सबूत नहीं है। जांच पूरी होने पर संजीव गुप्ता को जेल भेजा जाएगा।
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह, एएसपी एसटीएफ आगरा प्रशांत कुमार, सीओ टूंडला धर्मेंद्र सिंह यादव के साथ एसओजी प्रभारी शैलेंद्र यादव भी टीम के साथ मौजूद थे।
शातिर संजीव की भाजपा नेता ने कराई थी एसएसपी से मुलाकात
फिरोजाबाद । प्रेस वार्ता के बाद एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि उद्योगपति संजीव गुप्ता से वह अच्छी तरह से परिचित भी नहीं थे। एक बार वह भाजपा नेता कन्हैया लाल गुप्ता के साथ आफिस में मिलने आए थे। एसएसपी यहां तक कहने से नहीं चूके कि इस तरह का शातिर व्यक्ति उन्होंने पहली बार देखा है।
मिष्ठान-पानी के साथ केसर डालकर पिलाया दूध
फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता को पुलिस रात करीब दो बजे पानीपत से पुलिस लाइंस स्थित सभागार लेकर पहुंची। इससे पहले से 12 बजे व्यवस्था को कह दिया गया था। सूत्रों की माने तो पूछताछ के दौरान पुलिस ने संजीव गुप्ता को मिष्ठाई खिलाई। पानी पिलाया। फिर भी जवाब नहीं मिले तो केसर डालकर गाय का दूध पिलाया। इसके बाद संजीव गुप्ता पुलिस के हर सवाल का जवाब देते रहे। एसएसपी सुबह करीब पौने चार बजे तक उससे पूछताछ करते रहे।
पुलिस की गाड़ी से घर पहुंचे संजीव
फिरोजाबाद। मीडिया के सामने लाने के साथ ही संजीव गुप्ता को पुलिस लाइंस सभागार से आवास ऑर्चिट ग्रीन तक पुलिस अपनी ही गाड़ी से छोड़ने के लिए गई थी।
बेटे से बात कर टूट गया था संजीव
फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता ने शुक्रवार सुबह अंजान नंबर से बेटे के नंबर पर फोन कर बात की थी। बेटे से कहा कि मम्मी (सारिका गुप्ता) से बात कराओ तो बेटे ने कहा कि मम्मी से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस जानकारी के बाद संजीव टूट गया। संजीव ने फोन काटने के साथ ही सारिका गुप्ता के फोन पर फोन किया। इसके बाद पुलिस संजीव गुप्ता की बरामदगी को लेकर अलर्ट हुई। वहीं उद्योगपति संजीव गुप्ता को बरामद होने की खबर के बाद संजीव गुप्ता के सहकारोबारी उसकी कोठी पर पहुंचे थे। अंदर सन्नाटा और अंधकार के बीच सभी लोग गेट पर ही खड़े हो गए थे। इस बीच एक व्यक्ति कोठी से बाहर आया और गेट पर खड़े लोगों ने उससे एकांत में बातचीत की और वहां से चले गए। इन लोगों के हाथ में कुछ कागजात भी थे।