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जिले में 30 और शिक्षक मिले फर्जी
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:31 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। बीएड की फर्जी अंकतालिका बनवाकर शिक्षक बनने के मामले की जांच में मंगलवार को बड़ा खुलासा हुआ है। मंगलवार को 30 शिक्षक और फर्जी पाए गए हैं। साथ ही जिले में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। जनपद के लिए भेजी गई सीडी की जांच का कार्य अभी जारी है।
एसआईटी की जांच के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर बीएड की फर्जी अंकतालिकाओं से शिक्षक बनने वालों पर कार्रवाई चल रही है। एक सप्ताह से जनपद में सीडी का जांच की जा रही है। बीएसए ने वर्ष 2004 से अब तक बीएड कर शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों की बीएड की मार्कशीट व डाटा मांगा है।
कुछ बीआरसी केंद्रों से इसकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाई है, जिसके चलते जांच का कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। सोमवार तक हुई जांच में जनपद में मात्र 20 शिक्षक फर्जी मिले थे लेकिन मंगलवार को विभाग को बड़ी सफलता मिली। 30 और नए शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इसके साथ ही जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 50 पहुंच गई है। विभाग की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल है।
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दूसरी तरफ जैसे ही शिक्षकों को इस बात की जानकारी मिल रही है कि उनका नाम फर्जी शिक्षकों की सूची में है। वे स्कूलों से अचानक गायब हो रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे अवकाश पर जा रहे हैं।
एसआईटी जांच के बाद जनपद से 99 शिक्षकों को दूसरे अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत स्थानांतरण गैर जनपद में हो गया है। इनमें भी बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो ये शिक्षक जांच से बचने के लिए बीएसए कार्यालय में पहुंच बना रहे हैं।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सीडी की निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। जांच गोपनीय रखी गई है। किसी भी कीमत पर एक भी फर्जी शिक्षक नहीं बच पाएगा। शीघ्र ही जांच का कार्य पूरा कर फर्जी शिक्षकों को नाम ओपन कर दिए जाएंगे।
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एसआईटी की जांच के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर बीएड की फर्जी अंकतालिकाओं से शिक्षक बनने वालों पर कार्रवाई चल रही है। एक सप्ताह से जनपद में सीडी का जांच की जा रही है। बीएसए ने वर्ष 2004 से अब तक बीएड कर शिक्षक बनने वाले सभी शिक्षकों की बीएड की मार्कशीट व डाटा मांगा है।
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कुछ बीआरसी केंद्रों से इसकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाई है, जिसके चलते जांच का कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। सोमवार तक हुई जांच में जनपद में मात्र 20 शिक्षक फर्जी मिले थे लेकिन मंगलवार को विभाग को बड़ी सफलता मिली। 30 और नए शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इसके साथ ही जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 50 पहुंच गई है। विभाग की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हलचल है।
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दूसरी तरफ जैसे ही शिक्षकों को इस बात की जानकारी मिल रही है कि उनका नाम फर्जी शिक्षकों की सूची में है। वे स्कूलों से अचानक गायब हो रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे अवकाश पर जा रहे हैं।
एसआईटी जांच के बाद जनपद से 99 शिक्षकों को दूसरे अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत स्थानांतरण गैर जनपद में हो गया है। इनमें भी बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो ये शिक्षक जांच से बचने के लिए बीएसए कार्यालय में पहुंच बना रहे हैं।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सीडी की निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। जांच गोपनीय रखी गई है। किसी भी कीमत पर एक भी फर्जी शिक्षक नहीं बच पाएगा। शीघ्र ही जांच का कार्य पूरा कर फर्जी शिक्षकों को नाम ओपन कर दिए जाएंगे।