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परचून की दुकान पर बिक रहा है तेजाब
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:30 PM IST
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मैनपुरी। तेजाब की बिक्री के लिए भले ही सरकार और सुप्रीम कोर्ट सख्त हो, लेकिन जिले में सख्ती नजर नहीं आ रही है। यहां खुलेआम परचून की दुकानों पर तेजाब की बिक्री की जा रही है। बिक्री के वक्त सरकार की ओर से निर्धारित गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। ऐसा तब है जब हाल में ही जिले के कस्बा कुरावली में तेजाब हमले की वारदात हो चुकी है।
गुरुवार को अमर उजाला ने तेजाब बिक्री को लेकर पड़ताल की तो स्थिति चौंकाने वाली दिखी। परचून की दुकान पर महज 50 रुपये में तेजाब से भरी बोतल थमा दी गई। न तो खरीदने का कारण पूछा गया और न ही पहचान पत्र सहित सरकार की ओर से निर्धारित दस्तावेजों की मांग की गई। जिले में खुलेआम हो रही तेजाब की बिक्री से प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हो गई।
एसिड अटैक की वारदातों को रोकने के लिए 07 अप्रैल 2017 को तत्कालीन मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तेजाब की बिक्री नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे। जिले में इस आदेश का असर नजर नहीं आ रहा है।
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देश में बढ़ती तेजाब हमले की वारदातों के कारण सुप्रीम कोर्ट का रुख इसकी बिक्री को लेकर सख्त है। कई बार सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकारों को तेजाब की बिक्री पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
परचून की दुकानों के साथ ही बैट्री की दुकानों से भी तेजाब की बिक्री खुलेआम हो रही है। अफसरों ने तेजाब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए यहां भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
जिलाधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि तेजाब की बिक्री अगर खुलेआम हो रही है, तो यह गलत है, जल्द ही पुलिस के साथ जिला प्रशासन की ओर से छापामार कार्रवाई की जाएगी। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गुरुवार को अमर उजाला ने तेजाब बिक्री को लेकर पड़ताल की तो स्थिति चौंकाने वाली दिखी। परचून की दुकान पर महज 50 रुपये में तेजाब से भरी बोतल थमा दी गई। न तो खरीदने का कारण पूछा गया और न ही पहचान पत्र सहित सरकार की ओर से निर्धारित दस्तावेजों की मांग की गई। जिले में खुलेआम हो रही तेजाब की बिक्री से प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हो गई।
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एसिड अटैक की वारदातों को रोकने के लिए 07 अप्रैल 2017 को तत्कालीन मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तेजाब की बिक्री नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे। जिले में इस आदेश का असर नजर नहीं आ रहा है।
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देश में बढ़ती तेजाब हमले की वारदातों के कारण सुप्रीम कोर्ट का रुख इसकी बिक्री को लेकर सख्त है। कई बार सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकारों को तेजाब की बिक्री पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
परचून की दुकानों के साथ ही बैट्री की दुकानों से भी तेजाब की बिक्री खुलेआम हो रही है। अफसरों ने तेजाब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए यहां भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
जिलाधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि तेजाब की बिक्री अगर खुलेआम हो रही है, तो यह गलत है, जल्द ही पुलिस के साथ जिला प्रशासन की ओर से छापामार कार्रवाई की जाएगी। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।