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बलवाई नेताओं की गिरफ्तारी को शासन से हरी झंडी

Tue, 25 Apr 2017 07:48 PM IST
बलवाई नेताओं की गिरफ्तारी को शासन से हरी झंडी
बलवाई नेताओं की गिरफ्तारी को शासन से हरी झंडी Updated Tue, 25 Apr 2017 07:48 PM IST
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बलवाई नेताओं की गिरफ्तारी को शासन से हरी झंडी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर सीकरी और सदर बाजार थाना में पुलिस पर हमला किए जाने के मामले में हिंदू संगठनों के आरोपी नेताओं की गिरफ्तारी के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है। डीजीपी सुलखान सिंह ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। प्रमुख सचिव गृह ने भी जानकारी ली थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों अफसरों ने रिपोर्ट देखने के बाद कार्रवाई के लिए पुलिस को ग्रीन सिग्नल दे दिया। उधर पुलिस ने सोमवार को दिनभर ताबड़तोड़ दबिश भी दी लेकिन कोई हाथ नहीं आया।
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सीकरी में लगभग 300 और सदर बाजार में लगभग 150 आरोपी अज्ञात में हैं। सीकरी थाना में पांच और सदर बाजार थाना में 24 नामजद हैं। सीकरी के पांचों नामजद आरोपी जेल जा चुके। सदर बाजार के 24 में से नौ पकड़े गए हैं। 15 फरार हैं। ये हैं बंटी ठाकुर, गोविंद पाराशर, मधुसूदन शर्मा, नंद किशोर वाल्मीकि, राजीव शर्मा, अनुपम पंडित, राकेश त्यागी, दिग्विजय नाथ तिवारी, सुभाष, सुनील पाराशर, गौरव राजावत, विनोद शर्मा, राजेंद्र गर्ग, दीपक अग्रवाल, अनुपम वर्मा।
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नामजद आरोपियों में ज्यादातर विहिप और बजरंग दल के नेता हैं। पुलिस इनके खिलाफ पहले भी केस दर्ज करती रही है लेकिन कभी गिरफ्तारी नहीं की। इस बार भी अभी तक  नहीं पकड़ा जा सका है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो सपा सरकार में नहीं पकड़े गए, क्या भाजपा सरकार में जेल जाएंगे।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि  शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। अब अफसरों को कार्रवाई तय करनी है। बता दें, सीकरी में दो युवकों की पिटाई में नामजद हिंदू संगठनों और भाजपा के नौ नेताओं से केस वापसी के लिए सीकरी और सदर बाजार थाना में पुलिस पर हमला किया गया था।

फिर से बवाल किया तो टांगे तोड़ देगी पुलिस
आगरा। सीकरी और सदर में बवाल के बाद पुलिस के आला अफसरों की दो बार मीटिंग हो चुकी है। इसमें तय किया गया है कि अगर इस तरह पुलिस पर फिर से हमला किया जाता है, तो बेहद सख्ती से निपटा जाए। सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि हमलावरों पर लाठी जमकर बरसाई जाए। इसमें ध्यान दिया जाए कि उनकी टांगों पर ज्यादा से ज्यादा वार हो ताकि  पुलिस की मार को लंबे समय तक याद रखें। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि जीप में बॉडी प्रोटेक्टर और लाठियां हर समय रहनी चाहिए। इसे चेक  किया जाएगा।

बाइक चाहिए तो पहले जेल जाइए
आगरा। सदर बाजार में पुलिस पर हमले के दौरान हमलावरों के 69 वाहन छूट गए थे। इसी तरह फतेहपुर सीकरी में छह वाहन छूटे थे। पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया है। अब आरटीओ ऑफिस को इनके नंबर भेज दिए गए हैं। इनके मालिकों के नाम-पते लेकर उन्हें आरोपी बनाया जाएगा। उधर, पुलिस के पास वाहनों को छोड़ने के लिए सिफारिश के फोन भी आने लगे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिनके वाहन हैं, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद कोर्ट से ही तय होगा कि उन्हें वाहन सौंपे जाएं या नहीं।

पुराने मामलों में कुर्की की तैयारी
आगरा। पुलिस पर हमले के आरोपी सुनील पाराशर, दिग्विजय नाथ तिवारी, गौरव राजावत, बंटी ठाकुर, नंद किशोर वाल्मीकि पर पहले से भी कई केस दर्ज हैं। इनमें पुलिस गैर जमानती वारंट हासिल कर चुकी है। अब कुर्की के लिए अर्जी दी जाएगी।

सभी वारंट किए जाएंगे तामील
आगरा। पुलिस ने आरोपियों की पूरी कुंडली तैयार कर ली है। इनकी गिरफ्तारी होने पर पुराने मामलों के सभी वारंट भी तामील कराए जाएंगे। ऐसे भी नेता हैं, जिन पर पांच से छह केस पहले से दर्ज हैं। इन्हें जेल जाने पर बाहर आना मुश्किल होगा।

एनएसए की तैयारी शुरू
आगरा। पुलिस ने सदर बाजार और सीकरी केस की लिखापढ़ी इस तरह से की है कि वक्त आने पर आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जा सके। एनएसए की फाइल तैयार की जा रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस पर हमले के दौरान भय का माहौल बन गया था।

गिरफ्तारी के डर से नहीं पहन रहे भगवा गमछे
फतेहपुर सीकरी। पुलिस ने बलवाइयों की पहचान के लिए बवाल की वीडियो रिकार्डिंग देखी है। इसमें कई चेहरे पहचान लिए गए हैं। उन्हें अभी आरोपी नहीं बनाया गया है। हालांकि उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। 300 आरोपी अज्ञात में हैं। पुलिस की दबिश के चलते हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सहमे हुए हैं। डर है कि पता नहीं पुलिस किसे आरोपी बना दे। आलम यह है कि कई ने तो भगवा गमछे की जगह दूसरे रंग के गमछे पहनने शुरू कर दिए हैं। इन्हें डर है कि कहीं पुलिस भगवा गमछे देखकर इन पर शक न करे।


दोनों घटनाओं में कई आरोपी चिन्हित कर लिए गए हैं। वीडियो रिकार्डिंग और फोटो के माध्यम से अन्य की भी पहचान की जा रही है। जब्त किए गए वाहनों के बारे में रिकार्ड जुटा लिया गया है। दोनों केस में कड़ी कार्रवाई की जाएगी - डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी।
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