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मक्खनपुर थाने में व्यापारी को दी थर्ड डिग्री
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:54 PM IST
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पुलिस की थर्ड डिग्री देने पर गंभीर युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद/मक्खनपुर। वाहन चेकिंग के दौरान शुक्रवार को हिरासत में लिए गए कपड़ा विक्रेता को थाना मक्खनपुर में थर्ड डिग्री दी गई। पुलिस की पिटाई से थाने में ही व्यापारी की हालत बिगड़ गई। खुद को फंसता देख पुलिस व्यापारी और उसके भाई को प्राइवेट ट्रामा सेंटर के बाहर छोड़ आई। आरोप है कि पुलिस ने तीन दुकानदारों को तो पैसे लेकर छोड़ दिया था। कपड़ा विक्रेता ने पैसे नहीं दिए तो उसको टार्चर किया गया।
थाना मक्खनपुर पुलिस ने बिल्टीगढ़ चौराहे के समीप शुक्रवार रात को वाहन चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने एक कार को रोकने का संकेत दिया लेकिन कार नहीं रुकी। पुलिस ने पीछाकर कार को रुकवा लिया। कार में मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव नवादा निवासी सौरभ (24) पुत्र राजबहादुर अपने भाई विक्रम (26), रिजवान पुत्र अखलाक खां निवासी नगला तुर्किया, जगवीर पुत्र चंद्रपाल निवासी बिल्टीगढ़ और अमर सिंह पुत्र सागर सिंह निवासी बिल्टीगढ़ सवार थे।
यह लोग फिरोजाबाद से मक्खनपुर जा रहे थे। पुलिस कार सवार सभी पांच लोगों को थाने ले आई। पूछताछ की और कार के कागज मांगे। कार सवार गाड़ी के कागज नहीं दिखा सके। पुलिस ने कार को सीज कर दिया। सौरभ के भाई विक्रम ने बताया कि पुलिस ने अखलाक, अमर सिंह और जगवीर को दस-दस हजार रुपये लेकर थाने से छोड़ दिया।
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हमसे भी रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर सौरभ की देर रात थाने में पीट-पीटकर अधमारा कर दिया। पिटाई से उसकी तबियत खराब हो गई। बाद में पुलिस सौरभ के साथ विक्रम को लेकर प्राइवेट ट्रामा सेंटर पहुंची। वहां अस्पताल के बाहर ही छोड़कर चली गई। सौरभ का इलाज कराने के बाद शनिवार को वह घर लौटा।
कपड़ा व्यापारी है सौरभ
सौरभ अपने भाई विक्रम के साथ मक्खनपुर में रेडीमेड कपड़े की दुकान करता है। रिजवान की नगला तुर्किया के समीप परचून की दुकान है। जगवीर का चाऊमीन और अंडे का थोक का कारोबार है। अमर सिंह जगवीर सिंह के यहां नौकरी करता है।
निराधार है सभी आरोप : एसओ
सौरभ के भाई विक्रम ने जो आरोप लगाए है, वह निराधार हैं। किसी को पैसे लेकर नहीं छोड़ा गया है। सभी लोग शराब के नशे में थे। इसलिए इन लोगों का दफा 210 के तहत चालान कर दिया। गाड़ी के कागज भी नहीं थे, वह गाड़ी छोड़ने के लिए दबाव बना रहे थे। गाड़ी सीज किए जाने और सभी के चालान किए जाने पर आरोप लगाए गए हैं।
ध्यान सिंह, कोतवाल मक्खनपुर।
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थाना मक्खनपुर पुलिस ने बिल्टीगढ़ चौराहे के समीप शुक्रवार रात को वाहन चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने एक कार को रोकने का संकेत दिया लेकिन कार नहीं रुकी। पुलिस ने पीछाकर कार को रुकवा लिया। कार में मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव नवादा निवासी सौरभ (24) पुत्र राजबहादुर अपने भाई विक्रम (26), रिजवान पुत्र अखलाक खां निवासी नगला तुर्किया, जगवीर पुत्र चंद्रपाल निवासी बिल्टीगढ़ और अमर सिंह पुत्र सागर सिंह निवासी बिल्टीगढ़ सवार थे।
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यह लोग फिरोजाबाद से मक्खनपुर जा रहे थे। पुलिस कार सवार सभी पांच लोगों को थाने ले आई। पूछताछ की और कार के कागज मांगे। कार सवार गाड़ी के कागज नहीं दिखा सके। पुलिस ने कार को सीज कर दिया। सौरभ के भाई विक्रम ने बताया कि पुलिस ने अखलाक, अमर सिंह और जगवीर को दस-दस हजार रुपये लेकर थाने से छोड़ दिया।
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हमसे भी रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर सौरभ की देर रात थाने में पीट-पीटकर अधमारा कर दिया। पिटाई से उसकी तबियत खराब हो गई। बाद में पुलिस सौरभ के साथ विक्रम को लेकर प्राइवेट ट्रामा सेंटर पहुंची। वहां अस्पताल के बाहर ही छोड़कर चली गई। सौरभ का इलाज कराने के बाद शनिवार को वह घर लौटा।
कपड़ा व्यापारी है सौरभ
सौरभ अपने भाई विक्रम के साथ मक्खनपुर में रेडीमेड कपड़े की दुकान करता है। रिजवान की नगला तुर्किया के समीप परचून की दुकान है। जगवीर का चाऊमीन और अंडे का थोक का कारोबार है। अमर सिंह जगवीर सिंह के यहां नौकरी करता है।
निराधार है सभी आरोप : एसओ
सौरभ के भाई विक्रम ने जो आरोप लगाए है, वह निराधार हैं। किसी को पैसे लेकर नहीं छोड़ा गया है। सभी लोग शराब के नशे में थे। इसलिए इन लोगों का दफा 210 के तहत चालान कर दिया। गाड़ी के कागज भी नहीं थे, वह गाड़ी छोड़ने के लिए दबाव बना रहे थे। गाड़ी सीज किए जाने और सभी के चालान किए जाने पर आरोप लगाए गए हैं।
ध्यान सिंह, कोतवाल मक्खनपुर।