{"_id":"5957ea2d4f1c1b0f658b46c2","slug":"201498933805-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचटी लाइन की चपेट में आने से युवक जिंदा जला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एचटी लाइन की चपेट में आने से युवक जिंदा जला
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
मलपुरा। गांव ककरारी में एक ईंट उठाकर ले जाने पर पड़ोसी से हुए झगड़े में युवक की जान चली गई। पथराव से बचने के लिए युवक घर की छत पर सीढ़ी चढ़ते समय एचटी लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह जिंदा जल गया।
ककरारी गांव में आरसीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार दोपहर 12 बजे महेंद्र सिंह (28) पुत्र मानिक चंद के घर के आगे सड़क बन रही थी। सीमेंट रोकने के लिए ठेकेदार ने महेंद्र से एक ईंट लगाने को कहा। आरोप है कि महेंद्र सामने रह रहे मोहन सिंह के यहां से एक ईंट उठाकर ले आया। मोहन सिंह ने ईंट ले जाने से मना किया। इस पर दोनों में झगड़ा हो गया।
ग्रामीणों ने बीचबचाव कराकर मामला शांत करा दिया। एक घंटे बाद महेंद्र का पिता मानिक चंद घर आया। वह बेटों को लेकर मोहन सिंह के घर पहुंचा। उन्होंने मोहन सिंह और महिलाओं को पीटा। बाद में दोनों परिवार में पथराव शुरू हो गया। मोहन सिंह बचने के लिए छत पर चढ़ गया। तभी उसका हाथ घर के आगे से जा रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। उसे करंट लग गया।
विज्ञापन
कुछ ही देर में उसके कपड़ों में आग लग गई। घर की दीवारों में भी करंट फैल गया। इससे मोहन सिंह की मौत हो गई। एक घंटे बाद लाइन में करंट की सप्लाई बंद करने पर शव को हटाया जा सका। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। आरोपी परिवार घर से फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि मृतक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एक घंटे तक अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करंट की चपेट में आने के बाद मोहन सिंह के शरीर से लपटें उठने लगी। यह देखकर सभी दहशत में आ गए। उसकी पत्नी, बच्चे और भाई चीखने लगे। उन्हें ग्रामीण घर से दूर ले गए। परिवारीजनों बताया कि मोहन आइसक्रीम बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसके दो छोटे भाई देव सिंह और लखपतिया हैं। उसकी पत्नी राखी, तीन बच्चे माधुरी, कृष्णा और सोनू का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
ककरारी गांव में आरसीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार दोपहर 12 बजे महेंद्र सिंह (28) पुत्र मानिक चंद के घर के आगे सड़क बन रही थी। सीमेंट रोकने के लिए ठेकेदार ने महेंद्र से एक ईंट लगाने को कहा। आरोप है कि महेंद्र सामने रह रहे मोहन सिंह के यहां से एक ईंट उठाकर ले आया। मोहन सिंह ने ईंट ले जाने से मना किया। इस पर दोनों में झगड़ा हो गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बीचबचाव कराकर मामला शांत करा दिया। एक घंटे बाद महेंद्र का पिता मानिक चंद घर आया। वह बेटों को लेकर मोहन सिंह के घर पहुंचा। उन्होंने मोहन सिंह और महिलाओं को पीटा। बाद में दोनों परिवार में पथराव शुरू हो गया। मोहन सिंह बचने के लिए छत पर चढ़ गया। तभी उसका हाथ घर के आगे से जा रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। उसे करंट लग गया।
विज्ञापन
कुछ ही देर में उसके कपड़ों में आग लग गई। घर की दीवारों में भी करंट फैल गया। इससे मोहन सिंह की मौत हो गई। एक घंटे बाद लाइन में करंट की सप्लाई बंद करने पर शव को हटाया जा सका। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। आरोपी परिवार घर से फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि मृतक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एक घंटे तक अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करंट की चपेट में आने के बाद मोहन सिंह के शरीर से लपटें उठने लगी। यह देखकर सभी दहशत में आ गए। उसकी पत्नी, बच्चे और भाई चीखने लगे। उन्हें ग्रामीण घर से दूर ले गए। परिवारीजनों बताया कि मोहन आइसक्रीम बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसके दो छोटे भाई देव सिंह और लखपतिया हैं। उसकी पत्नी राखी, तीन बच्चे माधुरी, कृष्णा और सोनू का रो-रोकर बुरा हाल है।