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नौ साल बाद परिवार को मिल गया बेटा
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:59 PM IST
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आगरा। शाहगंज के शिव नगर से नौ साल पहले लापता हुआ शाहरुख उर्फ शाहिद आखिर घर पहुंच गया। बेटे के मिलने से परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। मां-बाप उससे लिपटकर रोने लगे।
शिवनगर निवासी कलुआ शाह का बेटा शाहिद अक्तूबर 2008 में घर के बाहर खेल रहा था। अचानक वह लापता हो गया। वह एक ट्रेन में बैठ गया, जिससे कर्नाटक के उड़पीपुर पहुंच गया।
बालक के मिलने पर उसे नमो भूमि आश्रय गृह में रखा गया। शाहिद ठीक से अपने घर और परिवार के बारे में नहीं बता पा रहा था। वह आगरा का नाम ले रहा था। चार दिन पहले संस्था ने चाइल्ड लाइन से संपर्क किया। समन्वयक नरेंद्र परिहार ने बताया कि संस्था के मंजू नाथ शाहिद को लेकर आगरा आए। वह पहले खुद को बोदला का रहने वाला बता रहा था। इस पर बोदला में कई जगह उसके घर के बारे में पता किया गया। बाद में उसने कमाल खां दरगाह का नाम लिया। इस पर वहां जाकर पता किया गया। उसके घर का पता मिल गया। शाहिद को लेेकर संस्था के लोग पहुंचे तो उसे देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया। मां-बाप और भाई-बहन उससे लिपटकर रोने लगे। सभी कागजी कार्रवाई करने के बाद उसे परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
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शिवनगर निवासी कलुआ शाह का बेटा शाहिद अक्तूबर 2008 में घर के बाहर खेल रहा था। अचानक वह लापता हो गया। वह एक ट्रेन में बैठ गया, जिससे कर्नाटक के उड़पीपुर पहुंच गया।
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बालक के मिलने पर उसे नमो भूमि आश्रय गृह में रखा गया। शाहिद ठीक से अपने घर और परिवार के बारे में नहीं बता पा रहा था। वह आगरा का नाम ले रहा था। चार दिन पहले संस्था ने चाइल्ड लाइन से संपर्क किया। समन्वयक नरेंद्र परिहार ने बताया कि संस्था के मंजू नाथ शाहिद को लेकर आगरा आए। वह पहले खुद को बोदला का रहने वाला बता रहा था। इस पर बोदला में कई जगह उसके घर के बारे में पता किया गया। बाद में उसने कमाल खां दरगाह का नाम लिया। इस पर वहां जाकर पता किया गया। उसके घर का पता मिल गया। शाहिद को लेेकर संस्था के लोग पहुंचे तो उसे देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया। मां-बाप और भाई-बहन उससे लिपटकर रोने लगे। सभी कागजी कार्रवाई करने के बाद उसे परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
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