{"_id":"5b0ea1b84f1c1bf16e8b5530","slug":"181527685560-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्ध की हत्या में दो भाइयों को आजीवन कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वृद्ध की हत्या में दो भाइयों को आजीवन कारावास
Updated Wed, 30 May 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने आठ साल पहले रुपयों के लेनदेन के विवाद में वृद्ध की हत्या करने के मामले में दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करने को कहा है। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना औंछा के भूमिराजपुर निवासी रामसनेही 58 वर्ष की 24 मार्च 2010 की रात 11 बजे गांव के ही जयपाल ने अपने भाई रामसेवक की मदद से लाठियों से पीट-पीट कर उस समय हत्या कर दी, जब वह अपने मकान के बाहर चबूतरे पर सो रहे थे। हत्या की रिपोर्ट रामसनेही के पुत्र अलवर सिंह ने थाना औंछा में 25 मार्च को दोनों के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में पाया कि रामसनेही ने अपने साले से जयपाल तथा रामसेवक को 25 हजार रुपये उधार दिलाए थे। रुपयों का तकाजा करने पर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने दोनों को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दायर कर दी।
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की आरे से वादी, विवेचक, चिकित्सक, मृतक के साले सहित अन्य गवाहों ने हत्या के संबंध में गवाही दी। इसके आधार पर जयपाल तथा रामसेवक को रामसनेही की हत्या करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने उनके अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। जज तरुण कुमार सिंह ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 15 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना औंछा के भूमिराजपुर निवासी रामसनेही 58 वर्ष की 24 मार्च 2010 की रात 11 बजे गांव के ही जयपाल ने अपने भाई रामसेवक की मदद से लाठियों से पीट-पीट कर उस समय हत्या कर दी, जब वह अपने मकान के बाहर चबूतरे पर सो रहे थे। हत्या की रिपोर्ट रामसनेही के पुत्र अलवर सिंह ने थाना औंछा में 25 मार्च को दोनों के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में पाया कि रामसनेही ने अपने साले से जयपाल तथा रामसेवक को 25 हजार रुपये उधार दिलाए थे। रुपयों का तकाजा करने पर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने दोनों को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दायर कर दी।
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज तरुण कुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की आरे से वादी, विवेचक, चिकित्सक, मृतक के साले सहित अन्य गवाहों ने हत्या के संबंध में गवाही दी। इसके आधार पर जयपाल तथा रामसेवक को रामसनेही की हत्या करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने उनके अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। जज तरुण कुमार सिंह ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 15 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
विज्ञापन