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आरपी इंफ्रावेंचर ने बदली 25 करोड़ की बैंक गारंटी
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:46 PM IST
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- फोटो : demo
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मथुरा। अखिलेश सरकार में जनपद की तीन बड़ी सड़कों पर 780 करोड़ का काम हासिल करने वाली फर्म आरपी इंफ्रावेंचर ने मामले को दबाने के लिए विवादित एफडीआर बदल दी है। फर्म ने कोआपरेटिव में जितनी बैंक गारंटी लगाई थी उतनी ही बैंक गारंटी अब एसबीआई की दी है।
दरअसल टेंडर के दौरान आरपी इंफ्रावेंचर को जो एफडीआर का सर्टिफिकेट (फिक्स डिपॉजिट रिसीप्ट) राष्ट्रीयकृत बैंक के स्थान पर कोआपरेटिव बैंक का लगा दिया था। नियमों की अनदेखी कर पीडब्लूडी के अफसरों ने भी इसे नजरंदाज करते हुए वर्क आर्डर जारी कर दिए। मामला शासन तक पहुंचा तो जांच बैठा दी गई।
आरपी इंफ्रावेंचर ने मामले को दबाने के लिए कोआपरेटिव की एफडीआर के बराबर मूल्य (25 करोड़ की )की नवीन बैंक गारंटी भारतीय स्टेट बैंक की अब जमा करा दी है। फर्म की पूरी कोशिश है कि जांच को यही रुकवा दिया जाए।
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अफसर भी इस सहयोग के मूड में हैं। जिला कोपरेटिव बैंक आगरा से फर्म द्वारा पूर्व में जमा कराई गई एफडीआर का सत्यापन तो कराया जा रहा है, लेकिन इस तथ्य को नजरंदाज किया जा रहा है कि राष्ट्रीयकृत बैंक के स्थान पर कोआपरेटिव की एफडीआर आखिर टेंडर प्रक्रिया के दौरान स्वीकार कैसे कर ली गई।
सहायक अभियंता बीसी मिश्रा ने बताया नई बैंक गारंटी आ गई है। पीडब्लूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि कोआपरेटिव की एफडीआर की जांच वह खुद कर रहे हैं। जिला सहकारी बैंक आगरा ने इसे सत्यापित किया है।
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दरअसल टेंडर के दौरान आरपी इंफ्रावेंचर को जो एफडीआर का सर्टिफिकेट (फिक्स डिपॉजिट रिसीप्ट) राष्ट्रीयकृत बैंक के स्थान पर कोआपरेटिव बैंक का लगा दिया था। नियमों की अनदेखी कर पीडब्लूडी के अफसरों ने भी इसे नजरंदाज करते हुए वर्क आर्डर जारी कर दिए। मामला शासन तक पहुंचा तो जांच बैठा दी गई।
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आरपी इंफ्रावेंचर ने मामले को दबाने के लिए कोआपरेटिव की एफडीआर के बराबर मूल्य (25 करोड़ की )की नवीन बैंक गारंटी भारतीय स्टेट बैंक की अब जमा करा दी है। फर्म की पूरी कोशिश है कि जांच को यही रुकवा दिया जाए।
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अफसर भी इस सहयोग के मूड में हैं। जिला कोपरेटिव बैंक आगरा से फर्म द्वारा पूर्व में जमा कराई गई एफडीआर का सत्यापन तो कराया जा रहा है, लेकिन इस तथ्य को नजरंदाज किया जा रहा है कि राष्ट्रीयकृत बैंक के स्थान पर कोआपरेटिव की एफडीआर आखिर टेंडर प्रक्रिया के दौरान स्वीकार कैसे कर ली गई।
सहायक अभियंता बीसी मिश्रा ने बताया नई बैंक गारंटी आ गई है। पीडब्लूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि कोआपरेटिव की एफडीआर की जांच वह खुद कर रहे हैं। जिला सहकारी बैंक आगरा ने इसे सत्यापित किया है।