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भूमि घोटाले की जांच के दायरे में आए तीन दफ्तर, कई अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
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घोटाला
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कासगंज। सोरों के मोहल्ला पजाया के भूमि घोटोले में कई अधिकारियों, कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। प्रशासन ने निबंधन कार्यालय के बाद अब रजिस्ट्रार कानूनगो और तहसील कार्यालय को भी जांच में शामिल कर लिया है। तीनों दफ्तरों से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। सोमवार से तहसील प्रशासन संदिग्ध कर्मचारियों का चिह्नीकरण शुरू कर देगा।
सोरों के पाठकपुर निवासी दीनदयाल ने जालसाजी कर सरकारी जमीन के बैनामे कर दिए। दीनदयाल को प्रशासन भूमाफिया घोषित कर रखा है, लेकिन बैनामों के तहसील प्रशासन के कर्मचारियों को भी दोषी माना गया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन था।
इसके बावजूद निबंधन कार्यालय, रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय और तहसील कार्यालय के अभिलेखों में बैनामाधारकों के नाम दर्ज होते रहे। बैनामे के लिए तो निबंधन कार्यालय को दोषी माना जा रहा है, लेकिन दाखिल खारिज का जिम्मा रजिस्ट्रार कानूनगो और तहसील कार्यालय का होता है। जांच की कड़ी में अब ये कार्यालय भी जुड़ गए हैं।
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तहसील प्रशासन बिंदुवार मामले की जांच कर रहा है। तीनों कार्यालयों से बैनामों के दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। सरकारी अभिलेखों में विवादित जमीन के बैनामों में जिन जिन जिम्मेदारों की कलम के नाम दर्ज हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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सोरों के पाठकपुर निवासी दीनदयाल ने जालसाजी कर सरकारी जमीन के बैनामे कर दिए। दीनदयाल को प्रशासन भूमाफिया घोषित कर रखा है, लेकिन बैनामों के तहसील प्रशासन के कर्मचारियों को भी दोषी माना गया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन था।
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इसके बावजूद निबंधन कार्यालय, रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय और तहसील कार्यालय के अभिलेखों में बैनामाधारकों के नाम दर्ज होते रहे। बैनामे के लिए तो निबंधन कार्यालय को दोषी माना जा रहा है, लेकिन दाखिल खारिज का जिम्मा रजिस्ट्रार कानूनगो और तहसील कार्यालय का होता है। जांच की कड़ी में अब ये कार्यालय भी जुड़ गए हैं।
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तहसील प्रशासन बिंदुवार मामले की जांच कर रहा है। तीनों कार्यालयों से बैनामों के दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। सरकारी अभिलेखों में विवादित जमीन के बैनामों में जिन जिन जिम्मेदारों की कलम के नाम दर्ज हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।