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बार्डर पर चौकियां न होने से बदमाश हुए बेखौफ
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:42 PM IST
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पिज्जा लूट (प्रतीकात्मक चित्र)
- फोटो : बीसीसीएल
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मैनपुरी। जिले के बार्डर पर चौकियां न होने से बदमाश बेखौफ वारदात को अंजाम दे रहे हैं। घटना के बाद आसानी से गैर जिले की सीमा में प्रवेश कर पुलिस के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। बिछवां, औंछा, करहल, किशनी, कुरावली, बेवर से लगने वाली गैर जिलों की सीमाओं पर वारदातों का सबसे अधिक प्रतिशत है।
अपराधी अपराध करने के बाद बेहद आसानी से पुलिस के रडार से बचकर निकलने के बाद दूसरे शिकार की तलाश करता है। लूट की घटनाएं करने वाले शातिर बदमाश वारदात को अंजाम देने के लिए जिले के विभिन्न थानों से सटे क्षेत्र का चयन करते हैं। आसानी से घटना करने के बाद वह गैर जिले की सीमा में प्रवेश कर साफ बच निकलते हैं। जिसके चलते घटनाओं के खुलासे व गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। हालांकि यूपी 100 की सेवा शुरू होने के बाद कुछ हद तक बार्डर पर होने वाली घटनाओं पर लगाम लगी है। मगर यह कमी न के बराबर कही जा सकती है।
यहां से बच निकलते हैं अपराधी
बिछवां क्षेत्र में भनऊ घाट पुल पर प्रतिवर्ष सैकड़ों लूट की वारदातें होती हैं, जिनमें बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद एटा जिले की सीमा मेें प्रवेश कर सुरक्षित निकल जाते हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रहती है। ग्रामीणों द्वारा कई बार मांग किए जाने के बाद अभी तक वहां चौकी स्थापित नहीं हुई है।
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बरनाहल क्षेत्र में सबसे अधिक वारदातें नवाटेडा सिरसागंज मार्ग पर होती हैं। बदमाश आसानी से फिरोजाबाद की सीमा में प्रवेश कर बच निकलते हैं।
औंछा जसराना मार्ग पर वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश बुढर्रा पुल होते हुए फिरोजाबाद की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। वहां भी बार्डर पर चौकी नहीं है।
किशनी क्षेत्र में ऊंचा इस्लामाबाद मार्ग पर बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद कन्नौज की सीमा में प्रवेश कर बच निकलते हैं।
बेवर में नवीगंज जासमई मार्ग पर वारदात के बाद बदमाश फर्रुखाबाद की सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर बच जाते हैं। उक्त सभी स्थानों पर चौकियां न होने से बदमाश आसानी से वारदात को अंजाम देकर बच निकलते हैं।
एएसपी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि बार्डर पर चौकियां खोले जाने को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। हाल ही में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चौकियां खोले जाने के आदेशों पर अमल शुरू कर दिया गया है। पुलिस अपराध को रोकने के लिए दिनों रात गश्ती टीमें तैनात रहती हैं।
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अपराधी अपराध करने के बाद बेहद आसानी से पुलिस के रडार से बचकर निकलने के बाद दूसरे शिकार की तलाश करता है। लूट की घटनाएं करने वाले शातिर बदमाश वारदात को अंजाम देने के लिए जिले के विभिन्न थानों से सटे क्षेत्र का चयन करते हैं। आसानी से घटना करने के बाद वह गैर जिले की सीमा में प्रवेश कर साफ बच निकलते हैं। जिसके चलते घटनाओं के खुलासे व गिरफ्तारी के लिए पुलिस को काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ता है। हालांकि यूपी 100 की सेवा शुरू होने के बाद कुछ हद तक बार्डर पर होने वाली घटनाओं पर लगाम लगी है। मगर यह कमी न के बराबर कही जा सकती है।
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यहां से बच निकलते हैं अपराधी
बिछवां क्षेत्र में भनऊ घाट पुल पर प्रतिवर्ष सैकड़ों लूट की वारदातें होती हैं, जिनमें बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद एटा जिले की सीमा मेें प्रवेश कर सुरक्षित निकल जाते हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रहती है। ग्रामीणों द्वारा कई बार मांग किए जाने के बाद अभी तक वहां चौकी स्थापित नहीं हुई है।
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बरनाहल क्षेत्र में सबसे अधिक वारदातें नवाटेडा सिरसागंज मार्ग पर होती हैं। बदमाश आसानी से फिरोजाबाद की सीमा में प्रवेश कर बच निकलते हैं।
औंछा जसराना मार्ग पर वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश बुढर्रा पुल होते हुए फिरोजाबाद की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। वहां भी बार्डर पर चौकी नहीं है।
किशनी क्षेत्र में ऊंचा इस्लामाबाद मार्ग पर बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद कन्नौज की सीमा में प्रवेश कर बच निकलते हैं।
बेवर में नवीगंज जासमई मार्ग पर वारदात के बाद बदमाश फर्रुखाबाद की सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर बच जाते हैं। उक्त सभी स्थानों पर चौकियां न होने से बदमाश आसानी से वारदात को अंजाम देकर बच निकलते हैं।
एएसपी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि बार्डर पर चौकियां खोले जाने को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। हाल ही में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चौकियां खोले जाने के आदेशों पर अमल शुरू कर दिया गया है। पुलिस अपराध को रोकने के लिए दिनों रात गश्ती टीमें तैनात रहती हैं।