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हत्यारोपी किशोर की मां दे गई थी नींद की गोलियां

Tue, 13 Jun 2017 10:28 PM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:28 PM IST
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हत्यारोपी किशोर की मां दे गई थी नींद की गोलियां
आगरा। कलक्ट्रेट के पीछे स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह से तीन बाल अपचारियों के फरार हो जाने और फिर फिरोजाबाद में पकड़े जाने के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इनमें से मंटोला क्षेत्र निवासी एक किशोर ने बताया है कि उसे उसकी मां नींद की 20 गोलियां दे गई थी।
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उसने यही गोलियां तीन होमगार्ड और एक कर्मचारी को शर्बत में मिलाकर दी थी। उनके बेहोश होने पर तीनों किशोर भागे थे। खास बात यह है कि किशोरों की गिरफ्तारी के बाद मंटोला थाना पर हुई पूछताछ में उन्होंने यह बात नहीं बताई थी। संप्रेक्षण गृह में पहुंचने पर कर्मचारियों ने उनसे पूछा तो राज उगल दिया। यह किशोर हत्या के मामले में बंद है।
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उसने बताया कि उसके दो साथियों ने उससे कहा था कि वे भागना चाहते हैं, उनका वहां घुटन महसूस हो रही है। वह खुद भी भागना चाहता था, इसलिए पूरी योजना तैयार कर ली। उसने मिलने के लिए मां आई तो उसने उसे बताया। इस पर मां नींद की गोलियां दे गई। बता दें, चार जून को किशोर संप्रेक्षण गृह से भागे थे।
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इन्हें छह को टूंडला रेल स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ फरार हो जाने का मुकदमा मंटोला थाना पर दर्ज कराया गया था। इस बारे में सीओ छत्ता बीएस त्यागी का कहना है कि संप्रेक्षण गृह से यह रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट के मिलने पर किशोर की मां को साजिश रचने का आरोपी बनाया जाएगा।

संप्रेक्षण गृह से फिर से फरार न हो जाएं किशोर
किशोर संप्रेक्षण गृह से तीन किशोरों के फरार हो जाने की घटना से कोई सबक नहीं लिया गया है। यहां की सुरक्षा पहले से बढ़ने के बजाय और घट गई है। पहले 15 होमगार्ड तैनात थे जबकि अब दस ही रह गए हैं। घटना में बेहोश किए गए तीन होमगार्ड अभी तक ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। बाल अपचारियों की चेकिंग पर भी जोर नहीं दिया जा रहा है।

पहले नींद की गोलियां पहुंची थी। इनके जरिए ही होमगार्डो को बेहोश किया गया था। इसके बावजूद चेकिंग पर ध्यान नहीं है। अभी भी उनसे मिलने आ रहे लोगों की चेकिंग नहीं की जा रही है। कोई फिर से नींद की गोली दे गया तो क्या होगा? इसका ख्याल नहीं है। संप्रेक्षण गृह किराए की बिल्डिंग में चल रहा है। यह 1962 में स्थापित किया गया था।


फिलहाल 108 बाल अपचारी यहां पर रखे गए हैं। इनमें आगरा के अलावा आस पास के जिलों के भी हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं है। पूरी सुरक्षा होमगार्डो के हवाले है। संप्रेक्षण गृह दो कमरों में चल रहा है। पांच पांच होमगार्ड शिफ्टों में ड्यूटी करते हैं। दो पहली मंजिल पर तैनात हैं और तीन ग्राउंड फ्लोर पर।
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