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32 साल पुराने राजा मानसिंह हत्याकांड पर फिर बहस शुरू
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:50 PM IST
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मथुरा। बत्तीस साल पुराने राजा मानसिंह हत्याकांड पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। जनपद न्यायाधीश अजीत सिंह की अदालत में मुख्य आरोपी तत्कालीन डिप्टी एसपी कानसिंह भाटी सहित 14 लोगों पर ट्रॉयल चल रहा है। इस मामले में सीबीआई अपनी बहस पूरी कर चुकी है। सुनवाई के लिए अब 18 जुलाई की तिथि तय की गई है।
21 फरवरी 1985 को राजस्थान के डीग की अनाज मंडी में राजा मानसिंह और पुलिस के बीच तनातनी हो गई थी। इसमें चली गोली में राजा मानसिंह, ठाकुर सुमेर सिंह और हरी सिंह की मौत हो गई थी। इससे पूर्व पुलिस ने 20 फरवरी को राजा मानसिंह के खिलाफ तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरन माथुर का मंच और हेलीकाप्टर को तोड़ने का मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले के वादी व राजा मानसिंह के दामाद विजय सिंह ने तत्कालीन डिप्टी एसपी कानसिंह भाटी, एसएचओ वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेरसिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि एक आरोपी पर आरोप तय नहीं हो सके थे। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नंद किशोर उपमन्यु बहस कर रहे हैं। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई अपनी बहस पूरी कर चुकी है।
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सुनवाई कर चुके हैं 90 जज, 78 ने दी गवाही
चर्चित राजा मानसिंह हत्याकांड 1985 से न्यायालय में है। दिसंबर 1989 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जयपुर न्यायालय से मथुरा के सत्र न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। 1990 में मथुरा के जिला सत्र न्यायालय में इस मामले की सुनवाई शुरूहुई। इस मामले को अब तक कुल 90 जज सुन चुके हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से 61 और बचाव पक्ष की ओर से 17 गवाहों ने गवाही दी है।
‘चर्चित राजा मान सिंह हत्याकांड के मामले में लंबे समय से बहस चल रही है। जिला न्यायाधीश ने एक बार फिर इस पर सुनवाई शुरू कर दी है। अब इस मामले में 18 जुलाई की तारीख नियत की गई है।’
नारायन सिंह विप्लवी, वादी विजय सिंह के अधिवक्ता, मथुरा।
21 फरवरी 1985 को राजस्थान के डीग की अनाज मंडी में राजा मानसिंह और पुलिस के बीच तनातनी हो गई थी। इसमें चली गोली में राजा मानसिंह, ठाकुर सुमेर सिंह और हरी सिंह की मौत हो गई थी। इससे पूर्व पुलिस ने 20 फरवरी को राजा मानसिंह के खिलाफ तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरन माथुर का मंच और हेलीकाप्टर को तोड़ने का मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मामले के वादी व राजा मानसिंह के दामाद विजय सिंह ने तत्कालीन डिप्टी एसपी कानसिंह भाटी, एसएचओ वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेरसिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि एक आरोपी पर आरोप तय नहीं हो सके थे। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नंद किशोर उपमन्यु बहस कर रहे हैं। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई अपनी बहस पूरी कर चुकी है।
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सुनवाई कर चुके हैं 90 जज, 78 ने दी गवाही
चर्चित राजा मानसिंह हत्याकांड 1985 से न्यायालय में है। दिसंबर 1989 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जयपुर न्यायालय से मथुरा के सत्र न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। 1990 में मथुरा के जिला सत्र न्यायालय में इस मामले की सुनवाई शुरूहुई। इस मामले को अब तक कुल 90 जज सुन चुके हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से 61 और बचाव पक्ष की ओर से 17 गवाहों ने गवाही दी है।
‘चर्चित राजा मान सिंह हत्याकांड के मामले में लंबे समय से बहस चल रही है। जिला न्यायाधीश ने एक बार फिर इस पर सुनवाई शुरू कर दी है। अब इस मामले में 18 जुलाई की तारीख नियत की गई है।’
नारायन सिंह विप्लवी, वादी विजय सिंह के अधिवक्ता, मथुरा।