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इरमान नहीं हमलावरों के निशाने पर था शिवपाल
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:06 PM IST
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दन्नाहार (मैनपुरी)। थाना क्षेत्र के गांव दरबा में चार नवंबर को हुए मजदूर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पकडे़ गए तीन आरोपियों ने बताया कि उनका निशाना शिवपाल था। पर, निशाना चूकने से गोली मजदूर इरमान को जा लगी। घटना के पीछे एक महिला से प्रेम संबंध की बात भी कही जा रही है।
थाना क्षेत्र के गांव दरबा निवासी इरमान पुत्र इंसाफ चार नवंबर की शाम साथी शिवपाल के साथ बाइक से घर जा रहा था। तभी हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसा दीं थीं। हादसे में इरमान की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस मामले में चचेरे भाई इशराज अली ने गांव निवासी चरन सिंह, राजवीर, गुड्डे, मुकेश, जीतू यादव निवासी गांव घुराई व एक अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई थी। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए जीतू यादव, मंगल और सुनील निवासी गांव बूचा को गिरफ्तार कर लिया।
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जीतू ने बताया कि उसके व शिवपाल के बीच रंजिश चल रही थी। उसी को मारने की योजना थी। मगर जब हमला किया तो गोली इरमान को लग गई। इसके बाद शिवपाल की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। जिस वजह से वह गाड़ी छोड़कर भाग गए। घटना के पीछे एक महिला से छेड़खानी के बाद हुई मारपीट की रंजिश की बात कही गई है। पुलिस ने तीनों ही गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा है।
गांव दरबा में इरमान हत्याकांड को लेकर अभी भी कई सवाल हैं। चर्चा है कि इरमान को हमलावरों की एक गोली लगी थी। फिर बाकी की दो गोलियां उसे किसने मारीं। एफआईआर सगे भाई ने दर्ज क्यों नहीं कराई। साथ ही एफआईआर में साथ मौजूद शिवपाल को कहीं भी मौजूद नहीं दिखाया गया। दो अन्य लोगों को प्रत्यक्षदर्शी क्यों बनाया गया है।
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थाना क्षेत्र के गांव दरबा निवासी इरमान पुत्र इंसाफ चार नवंबर की शाम साथी शिवपाल के साथ बाइक से घर जा रहा था। तभी हमलावरों ने उस पर गोलियां बरसा दीं थीं। हादसे में इरमान की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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इस मामले में चचेरे भाई इशराज अली ने गांव निवासी चरन सिंह, राजवीर, गुड्डे, मुकेश, जीतू यादव निवासी गांव घुराई व एक अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई थी। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए जीतू यादव, मंगल और सुनील निवासी गांव बूचा को गिरफ्तार कर लिया।
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जीतू ने बताया कि उसके व शिवपाल के बीच रंजिश चल रही थी। उसी को मारने की योजना थी। मगर जब हमला किया तो गोली इरमान को लग गई। इसके बाद शिवपाल की ओर से फायरिंग शुरू कर दी गई। जिस वजह से वह गाड़ी छोड़कर भाग गए। घटना के पीछे एक महिला से छेड़खानी के बाद हुई मारपीट की रंजिश की बात कही गई है। पुलिस ने तीनों ही गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा है।
गांव दरबा में इरमान हत्याकांड को लेकर अभी भी कई सवाल हैं। चर्चा है कि इरमान को हमलावरों की एक गोली लगी थी। फिर बाकी की दो गोलियां उसे किसने मारीं। एफआईआर सगे भाई ने दर्ज क्यों नहीं कराई। साथ ही एफआईआर में साथ मौजूद शिवपाल को कहीं भी मौजूद नहीं दिखाया गया। दो अन्य लोगों को प्रत्यक्षदर्शी क्यों बनाया गया है।