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दुष्कर्मी को सात साल की सजा सुनाई गई
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मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र की एक किशोरी को दस साल पहले गुरुग्राम (गुड़गांव) ले जाकर दुष्कर्म करने के दोषी को एफटीसी जज प्रथम अवनीश गौतम ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना औंछा के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी 18 सितंबर 2010 को मधन में दवा लेने गई थी। रास्ते में उसको गांव का ही लज्जाराम अपने साथी वीरेंद्र सिंह के साथ मिल गया। वह उसे बहला फुसलाकर अपने साथ गुरुग्राम ले गया। वहां उससे दुष्कर्म किया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके किशोरी को बरामद कर लिया।
लज्जाराम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज प्रथम अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर लज्जाराम को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने दुष्कर्मी को सात साल की सजा सुनाकर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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किशोरी की गवाही पर हुई सजा
किशोरी ने अदालत में घटना के संबंध में गवाही दी। उसने अदालत में बताया लज्जाराम उसको बहला फुसलाकर अपने साथ गुरुग्राम ले गया। वहां डरा धमकाकर उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसको परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। कई बार समझौता करने का दबाव भी बनाया।
दस साल बाद भी वीरेंद्र का पता नहीं
किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने का आरोपी वीरेंद्र सिंह घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने उसको फरार घोषित करके चार्जशीट कोर्ट में भेजी थी। वीरेंद्र के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर उसकी फाइल मुकदमे की सुनवाई के लिए अलग कर दी है।
पीड़िता को मिलेंगे 45 हजार रुपये
दोषी पर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया एफटीसी जज ने आदेश में दिया है कि जुर्माने की धनराशि में से 45 हजार रुपये पीड़ित किशोरी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।
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थाना औंछा के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी 18 सितंबर 2010 को मधन में दवा लेने गई थी। रास्ते में उसको गांव का ही लज्जाराम अपने साथी वीरेंद्र सिंह के साथ मिल गया। वह उसे बहला फुसलाकर अपने साथ गुरुग्राम ले गया। वहां उससे दुष्कर्म किया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके किशोरी को बरामद कर लिया।
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लज्जाराम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज प्रथम अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर लज्जाराम को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने दुष्कर्मी को सात साल की सजा सुनाकर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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किशोरी की गवाही पर हुई सजा
किशोरी ने अदालत में घटना के संबंध में गवाही दी। उसने अदालत में बताया लज्जाराम उसको बहला फुसलाकर अपने साथ गुरुग्राम ले गया। वहां डरा धमकाकर उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसको परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। कई बार समझौता करने का दबाव भी बनाया।
दस साल बाद भी वीरेंद्र का पता नहीं
किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने का आरोपी वीरेंद्र सिंह घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस ने उसको फरार घोषित करके चार्जशीट कोर्ट में भेजी थी। वीरेंद्र के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर उसकी फाइल मुकदमे की सुनवाई के लिए अलग कर दी है।
पीड़िता को मिलेंगे 45 हजार रुपये
दोषी पर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया एफटीसी जज ने आदेश में दिया है कि जुर्माने की धनराशि में से 45 हजार रुपये पीड़ित किशोरी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।