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भाभी के हत्यारे देवर को आजीवन कारावस
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मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र में चार साल पहले खेत जोतने के विवाद में घर के अंदर भाभी की पीट पीटकर हत्या करने वाले देवर को जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जिला फर्रुखाबाद के थाना मऊ दरवाजा के गांव मानिकपुर निवासी रामा देवी की शादी वर्ष 2005 में थाना भोगांव केे गांव भैंसरोली निवासी शमशेर बहादुर के साथ हुई थी। शादी के बाद से खेते जोतने को लेकर रामा देवी का ससुराल के लोगों से विवाद होता था। 25 जून 2016 को रामा देवी की घर के अंदर पीट पीटकर हत्या कर दी गई। रामा देवी के भाई अजीत कुमार ने देवर ब्रजेंद्र, जेठ ब्रजपाल, गांव के करु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में ब्रजेंद्र को हत्या करने का दोषी पाकर मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई जिला जज तेजप्रताप तिवारी की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने रामा देवी की हत्या करने केे संबंध में कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर ब्रजेंद्र को हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी क्रिमिनल वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने हत्या करने वाले को कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने ब्रजेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
देवर ब्रजेंद्र को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
दो को पुलिस ने निर्दोष पाया
रामा देवी की हत्या करने में जेठ ब्रजपाल और गांव के करु के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को निर्दोष पाकर जांच में उनका नाम निकाल दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान किसी भी गवाह ने जेठ ब्रजपाल और करु के खिलाफ हत्या के संबंध में गवाही नहीं दी।
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जिला फर्रुखाबाद के थाना मऊ दरवाजा के गांव मानिकपुर निवासी रामा देवी की शादी वर्ष 2005 में थाना भोगांव केे गांव भैंसरोली निवासी शमशेर बहादुर के साथ हुई थी। शादी के बाद से खेते जोतने को लेकर रामा देवी का ससुराल के लोगों से विवाद होता था। 25 जून 2016 को रामा देवी की घर के अंदर पीट पीटकर हत्या कर दी गई। रामा देवी के भाई अजीत कुमार ने देवर ब्रजेंद्र, जेठ ब्रजपाल, गांव के करु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में ब्रजेंद्र को हत्या करने का दोषी पाकर मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई जिला जज तेजप्रताप तिवारी की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने रामा देवी की हत्या करने केे संबंध में कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर ब्रजेंद्र को हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी क्रिमिनल वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने हत्या करने वाले को कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने ब्रजेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
देवर ब्रजेंद्र को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
दो को पुलिस ने निर्दोष पाया
रामा देवी की हत्या करने में जेठ ब्रजपाल और गांव के करु के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को निर्दोष पाकर जांच में उनका नाम निकाल दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान किसी भी गवाह ने जेठ ब्रजपाल और करु के खिलाफ हत्या के संबंध में गवाही नहीं दी।