{"_id":"5f05b5458ebc3e63d1288b2b","slug":"crime-mainpuri-news-agr4495286173","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूध में मिला था डिटर्जेंट, लाल मिर्च में अखाद्य रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूध में मिला था डिटर्जेंट, लाल मिर्च में अखाद्य रंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। लॉकडाउन से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने भरे थे। ये नमूने जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे गए। जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि छह नमूने मानव शरीर के लिए हानिकारक पाए गए हैं। अब विभाग ने विक्रेताओं के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर कराएगा।
मार्च में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 43 नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे थे। इनकी रिपोर्ट जुलाई के प्रथम सप्ताह में विभाग को प्राप्त हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार छह नमूनों में जो मिलावट पाई गई वह मानव शरीर के लिए हानिकारक है। इसमें दूध के दो नमूनों में जहां डिटर्जेंट मिला तो वहीं लाल मिर्च के दो नमूनों में लाल अखाद्य रंग पाया गया। इनके अलावा बेसन के लड्डू और कचरी में अखाद्य पीला रंग मिला गया था। दूध के नमूने औंछा क्षेत्र के निवासी संजय यादव और कपूरपुर निवासी नरसिंह से लिए गए थे तो लाल मिर्च चूर्ण का नमूना हरचंदपुर निवासी राजपाल सिंह की दुकान से और घिरोर निवासी अनूप गुप्ता की दुकान से लिया गया था। बेसन के लड्डू का नमूना कटरा नगरिया निवासी सत्यनारायन की दुकान से और कचरी का नमूना कुबेरपुर निवासी प्रेमपाल से लिया गया था। सभी नमूनों में पाई गई मिलावट मानव शरीर के लिए हानिकारक है। ऐसे में सभी के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है।
ऐसे करें पहचान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अनुसार कुछ चीजों में हम मिलावट की जांच कर सकते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि दूध में डिटर्जेंट की जांच के लिए दस से 15 एमएल दूध की मात्रा को उतने ही पानी के साथ लेकर तेजी से हिलाएं। अगर डिटर्जेंट मिला होगा तो झाग की मोटी परत बनेगी वहीं शुद्ध दूध में झाग की बहुत पतली परत बनेगी। इसी तरह मिर्च के चूर्ण को आधा गिलास पानी में सतह पर फैला दें। अगर पानी तत्काल लाल होने लगे तो रंग मिला हुआ है। अगर रंग नहीं है तो मिर्च का चूर्ण धीरे-धीरे पानी में घुलेगा।
विज्ञापन
---
जल्द चलेगा अभियान
कोरोना संक्रमण के चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई बंद कर रखी है। जल्द ही जिले भर में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भी भेजे जाएंगे।
दूध, लाल मिर्च व अन्य कुछ नमूने जांच में फेल हुए हैं। इन सामानों की बिक्री करने वालों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा। सुनवाई के बाद न्यायालय ही सजा का निर्णय करेगा।
डीके वर्मा, प्रभारी मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
मार्च में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 43 नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे थे। इनकी रिपोर्ट जुलाई के प्रथम सप्ताह में विभाग को प्राप्त हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार छह नमूनों में जो मिलावट पाई गई वह मानव शरीर के लिए हानिकारक है। इसमें दूध के दो नमूनों में जहां डिटर्जेंट मिला तो वहीं लाल मिर्च के दो नमूनों में लाल अखाद्य रंग पाया गया। इनके अलावा बेसन के लड्डू और कचरी में अखाद्य पीला रंग मिला गया था। दूध के नमूने औंछा क्षेत्र के निवासी संजय यादव और कपूरपुर निवासी नरसिंह से लिए गए थे तो लाल मिर्च चूर्ण का नमूना हरचंदपुर निवासी राजपाल सिंह की दुकान से और घिरोर निवासी अनूप गुप्ता की दुकान से लिया गया था। बेसन के लड्डू का नमूना कटरा नगरिया निवासी सत्यनारायन की दुकान से और कचरी का नमूना कुबेरपुर निवासी प्रेमपाल से लिया गया था। सभी नमूनों में पाई गई मिलावट मानव शरीर के लिए हानिकारक है। ऐसे में सभी के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है।
विज्ञापन
ऐसे करें पहचान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अनुसार कुछ चीजों में हम मिलावट की जांच कर सकते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि दूध में डिटर्जेंट की जांच के लिए दस से 15 एमएल दूध की मात्रा को उतने ही पानी के साथ लेकर तेजी से हिलाएं। अगर डिटर्जेंट मिला होगा तो झाग की मोटी परत बनेगी वहीं शुद्ध दूध में झाग की बहुत पतली परत बनेगी। इसी तरह मिर्च के चूर्ण को आधा गिलास पानी में सतह पर फैला दें। अगर पानी तत्काल लाल होने लगे तो रंग मिला हुआ है। अगर रंग नहीं है तो मिर्च का चूर्ण धीरे-धीरे पानी में घुलेगा।
विज्ञापन
---
जल्द चलेगा अभियान
कोरोना संक्रमण के चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई बंद कर रखी है। जल्द ही जिले भर में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भी भेजे जाएंगे।
दूध, लाल मिर्च व अन्य कुछ नमूने जांच में फेल हुए हैं। इन सामानों की बिक्री करने वालों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाएगा। सुनवाई के बाद न्यायालय ही सजा का निर्णय करेगा।
डीके वर्मा, प्रभारी मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।