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शव ठिकाने लगाने को तलाशता रहा वाहन, असफल होने पर फरार
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कासगंज। बेटे की हत्या कर शव घर में ही रख दिया। साजिश थी कि रात में शव कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगा देंगे। शव ठिकाने लगाने को देर रात तक वाहन की तलाश की गई लेकिन कोई वाहन नहीं मिल पाया। और फिर दिन निकलने से पहले ही पुलिस से बचने को पत्नी और दोनों बच्चों के साथ रामरतन फरार हो गया।
इस बात को खुद रामरतन ने पुलिस के समक्ष कबूल किया है।
पुलिस गिरफ्त में आए हत्यारोपी रामरतन ने पुलिस को बताया कि दूसरी पत्नी विमला के साथ मिलकर बेटे की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी थी। विवेचक रामरज यादव के मुताबिक रामरतन ने बताया है कि एक ऐसे परिचित व्यक्ति के वाहन की तलाश की जा रही थी, जिससे शव भी ठिकाने लग जाए और मामले का खुलासा न हो, लेकिन इस तरह का कोई व्यक्ति ही नहीं मिला।
उसके बाद दूसरी पत्नी और दो पुत्रों के साथ घर से फरार हो गया। भाई को फोन पर सूचना तो दे दी लेकिन पुलिस से बचने के लिए यह बताया कि वह कानपुर सेंट्रल से आगे निकल चुका है। कहां जा रहा है यह कुछ नहीं बताया।
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पत्नी के मोबाइल ने आसान की गिरफ्तारी की राह
घटना की जानकारी के 8 घंटे बाद ही हत्यारोपी मां बाप की गिरफ्तारी में पुलिस को यूं ही सफलता नहीं मिल गई। इसके लिए पुलिस ने काफी मशक्कत की। जिस मोबाइल से हत्यारोपी ने अपने भाई को घटना की जानकारी दी थी वह उसने बंद कर लिया। फिर पुलिस ने काफी तलाश कर पत्नी का नंबर तलाशा और फिर पत्नी के नंबर की लोकेशन गंगीरी में मिली। इस तरह हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की राह मोबाइल ने आसान कर दी।
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इस बात को खुद रामरतन ने पुलिस के समक्ष कबूल किया है।
पुलिस गिरफ्त में आए हत्यारोपी रामरतन ने पुलिस को बताया कि दूसरी पत्नी विमला के साथ मिलकर बेटे की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी थी। विवेचक रामरज यादव के मुताबिक रामरतन ने बताया है कि एक ऐसे परिचित व्यक्ति के वाहन की तलाश की जा रही थी, जिससे शव भी ठिकाने लग जाए और मामले का खुलासा न हो, लेकिन इस तरह का कोई व्यक्ति ही नहीं मिला।
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उसके बाद दूसरी पत्नी और दो पुत्रों के साथ घर से फरार हो गया। भाई को फोन पर सूचना तो दे दी लेकिन पुलिस से बचने के लिए यह बताया कि वह कानपुर सेंट्रल से आगे निकल चुका है। कहां जा रहा है यह कुछ नहीं बताया।
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पत्नी के मोबाइल ने आसान की गिरफ्तारी की राह
घटना की जानकारी के 8 घंटे बाद ही हत्यारोपी मां बाप की गिरफ्तारी में पुलिस को यूं ही सफलता नहीं मिल गई। इसके लिए पुलिस ने काफी मशक्कत की। जिस मोबाइल से हत्यारोपी ने अपने भाई को घटना की जानकारी दी थी वह उसने बंद कर लिया। फिर पुलिस ने काफी तलाश कर पत्नी का नंबर तलाशा और फिर पत्नी के नंबर की लोकेशन गंगीरी में मिली। इस तरह हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की राह मोबाइल ने आसान कर दी।