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UP: साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने हो या फिर लगानी हो ड्यूटी...पुलिस की मदद करेगा एआई, दिया जाएगा प्रशिक्षण
Thu, 30 Jan 2025 09:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 30 Jan 2025 09:48 AM IST
सार
पुलिस अब साइबर अपराध रोकने के लिए एआई से जागरूकता वीडियो बनाएगी। इसके साथ ही ड्यूटी लगाने में मदद ली जाएगी। इसके लिए कमिश्नरेट के डीसीपी पश्चिमी जोन के ऑफिस में ई-काॅप सेल बनाया गया है, जिसमें पुलिस चार विभागीय कर्मियों को प्रशिक्षण भी देगी।
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Artificial Intelligence(AI), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई)
- फोटो : Freepik
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विस्तार
लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने से लेकर कर्मचारियों की हाट स्पाट पर ड्यूटी लगाने तक में आगरा कमिश्नरेट पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेगी। इसके लिए डीसीपी पश्चिमी जोन के ऑफिस में ई-काॅप सेल बनाई गई है। इसमें चार सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। वह एआई की मदद से विभागीय कार्य पूरा करेंगे। वहीं जोन के जिलों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि एआई की मदद से धारा का निर्धारण मुकदमे दर्ज करने में पहले से किया जा रहा है। अब महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और अन्य सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बनाए जा रहे हैं। जिस काम को करने में 3 से 4 घंटे लगते थे। वह एआई की मदद से 1 घंटे में पूरा हो जा रहा है। इस संबंध में जोन के एसीपी को प्रशिक्षण दिया गया है। ई-काप सेल भी बनाई है। इसमें चार पुलिसकर्मियों को लगाया है। वह कमिश्नरेट ही नहीं, जोन के जिलों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे एआई का लाभ लिया जा सके। भविष्य में कर्मचारियों की डयूटी और उपस्थिति के साथ ही अधिक वारदात स्थलों को भी एआई की मदद से ही चिह्नित किया जाएगा।
ई-ऑफिस से आसान हुआ पत्र भेजना
इसके साथ ही ई-ऑफिस भी शुरू किया गया है। इसमें शिकायती पत्रों को कंप्यूटर पर अपलोड करने के बाद सीधे ईमेल के माध्यम से संबंधित थाने और अधिकारी के कार्यालय पर भेजा जा रहा है। इसमें अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर भी किए जाते हैं। इससे जहां कागज की बचत हो रही है, वहीं समय भी कम लग रहा है। इसके माध्यम से सरकारी कागजात भेजना भी आसान हो गया है।
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डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि एआई की मदद से धारा का निर्धारण मुकदमे दर्ज करने में पहले से किया जा रहा है। अब महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और अन्य सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बनाए जा रहे हैं। जिस काम को करने में 3 से 4 घंटे लगते थे। वह एआई की मदद से 1 घंटे में पूरा हो जा रहा है। इस संबंध में जोन के एसीपी को प्रशिक्षण दिया गया है। ई-काप सेल भी बनाई है। इसमें चार पुलिसकर्मियों को लगाया है। वह कमिश्नरेट ही नहीं, जोन के जिलों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे एआई का लाभ लिया जा सके। भविष्य में कर्मचारियों की डयूटी और उपस्थिति के साथ ही अधिक वारदात स्थलों को भी एआई की मदद से ही चिह्नित किया जाएगा।
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ई-ऑफिस से आसान हुआ पत्र भेजना
इसके साथ ही ई-ऑफिस भी शुरू किया गया है। इसमें शिकायती पत्रों को कंप्यूटर पर अपलोड करने के बाद सीधे ईमेल के माध्यम से संबंधित थाने और अधिकारी के कार्यालय पर भेजा जा रहा है। इसमें अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर भी किए जाते हैं। इससे जहां कागज की बचत हो रही है, वहीं समय भी कम लग रहा है। इसके माध्यम से सरकारी कागजात भेजना भी आसान हो गया है।
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