फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   court sentenced the convict to 20 years of imprisonment for sexual exploitation in Agra

Agra: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल कैद की सजा, पीड़िता को 36 दिन में मिला इंसाफ

Thu, 13 Oct 2022 06:53 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 13 Oct 2022 06:53 PM IST
सार

एत्माद्दौला क्षेत्र के मानसिक रूप से अस्वस्थ किशोरी के साथ युवक ने दुष्कर्म किया था। जब पीड़िता गर्भवती हुई तो परिवार को घटना का पता चला। इस मामले में युवक पर आठ सितंबर को आरोप तय हुए थे। कोर्ट ने गुरुवार को उसे 20 साल कैद की सजा सुनाई। 

विज्ञापन
court sentenced the convict to 20 years of imprisonment for sexual exploitation in Agra
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

आगरा के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमेंद्र कुमार ने एत्माद्दौला के दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को आरोप तय होने के 36 दिन में सजा सुनाई। मामले में विवेचक ने 17 दिन में आरोप पत्र दाखिल किया था। आठ सितंबर को कोर्ट ने आरोप तय कर सुनवाई शुरू की। साक्ष्य और बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए 20 साल कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

विज्ञापन


एत्माद्दौला क्षेत्र की रहने वाली 17 साल की पीड़ित किशोरी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उनके पिता ने आठ जुलाई को थाना में तहरीर दी। इसमें कहा कि पड़ोस में महिला के घर में उसका भतीजा अरतोनी (सिकंदरा) निवासी नीरज रहता है। नीरज ने बेटी को बुआ के घर बुलाकर दुष्कर्म किया। काफी समय से उसका शोषण कर रहा था। बेटी के गर्भवती होने पर घटना का पता चला। 

विज्ञापन

25 जुलाई को कोर्ट में दाखिल किया था आरोप पत्र 

पिता ने इस बारे में बेटी से पूछा। उसने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने नीरज के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। विवेचक देवेंद्र सिंह ने पीड़िता का मेडिकल और बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद 25 जुलाई को आरोपी नीरज के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। 8 सितंबर को कोर्ट ने आरोप तय होने पर अभियोग की सुनवाई शुरू कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन लोगों ने दी गवाही 

अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक  विजय किशन लवानिया और सतेंद्र प्रताप गौतम ने वादी, पीड़िता, विवेचक देवेंद्र सिंह, महिला पुलिसकर्मी वीना सिंह  और डा. रुचि रानी की कोर्ट में गवाही के लिए पेश किया।

विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रमेंद्र कुमार ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और विशेष लोक अभियोजकों के तर्क के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुये 20 वर्ष कैद और 20 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिलाने के साथ उसे यथोचित प्रतिकर दिलाने के लिए आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करनें के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed