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UP: कार ट्रांसफर में ऐसा फर्जीवाड़ा, कोर्ट ने निरस्त की पुलिस की एफआर, आरोपी तलब; ARTO ने कराई थी एफआईआर
Mon, 06 Apr 2026 09:42 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 06 Apr 2026 09:42 PM IST
सार
जांच में पता चला कि काजल अग्रवाल और ऋषभ गुप्ता 5 अक्तूबर 2023 को संयुक्त रूप से कार्यालय में उपस्थित हुए थे। दोनों ने प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। ऋषभ गुप्ता ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने गाड़ी के लिए 29 लाख रुपये का भुगतान काजल को किया था मगर उन्होंने गाड़ी नहीं सौंपी। इस पर काजल और उनके पति मोहित अग्रवाल के खिलाफ 27 नवंबर 2023 को थाना न्यू आगरा में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
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कोर्ट का आदेश
- फोटो : ANI
विस्तार
आगरा के संभागीय परिवहन कार्यालय में फर्जी तरीके से कार का पंजीकरण किसी अन्य के नाम पर करने के मामले में पुलिस ने अंतिम आख्या (एफआर) लगा दी। मामले के अनुसार, बिना कार्यालय में मालिक के उपस्थित हुए कार को दूसरे के नाम पर ट्रांसफर कर दिया गया था। हस्ताक्षर भी फर्जी किए गए थे। आरटीओ की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अब थाना हरीपर्वत पुलिस की ओर से लगाई एफआर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-12 अनुभव सिंह ने निरस्त कर आरोपी रिषभ गुप्ता, केदार सिंह, दिनेश प्रताप और धीरज सिंह को अदालत में तलब किया है।
तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एनसी शर्मा ने 26 जनवरी 2024 को थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप लगाया कि गोकुलधाम सोसाइटी, कमला नगर निवासी काजल अग्रवाल ने 11 दिसंबर 2023 को कार्यालय में शिकायत की थी कि उनके नाम पंजीकृत कार बिना उनकी उपस्थिति और हस्ताक्षर के सिविल लाइंस निवासी रिषभ गुप्ता के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई। जांच में पता चला कि काजल अग्रवाल और ऋषभ गुप्ता 5 अक्तूबर 2023 को संयुक्त रूप से कार्यालय में उपस्थित हुए थे। दोनों ने प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। ऋषभ गुप्ता ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने गाड़ी के लिए 29 लाख रुपये का भुगतान काजल को किया था मगर उन्होंने गाड़ी नहीं सौंपी। इस पर काजल और उनके पति मोहित अग्रवाल के खिलाफ 27 नवंबर 2023 को थाना न्यू आगरा में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
जांच में यह भी सामने आया कि 25 सितंबर 2023 को हाथरस उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के पटल सहायक दिनेश प्रताप सिंह की आईडी से गाड़ी मालिक का पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया गया था। नया नंबर धीरज सिंह नामक व्यक्ति का निकला, जिस पर ओटीपी प्राप्त हुआ था। काजल अग्रवाल से गाड़ी से संबंधित पत्रावली मांगी गई तो वह कार्यालय से गायब मिली। आरटीओ ने पुलिस से पत्रावली गायब होने और इसमें संलिप्तता की जांच करने का भी अनुरोध किया।
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यह भी पता चला कि वाहन 25 नवंबर 2021 को चोरी हुआ था, जिसकी सूचना स्वामिनी ने आरटीओ को नहीं दी थी। थाना हरीपर्वत पुलिस ने सिविल लाइंस निवासी रिषभ गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन के कर्मचारी केदार सिंह, हाथरस उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के पटल सहायक दिनेश प्रताप सिंह, रुनकता निवासी धीरज सिंह और पप्पू के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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तत्कालीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एनसी शर्मा ने 26 जनवरी 2024 को थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप लगाया कि गोकुलधाम सोसाइटी, कमला नगर निवासी काजल अग्रवाल ने 11 दिसंबर 2023 को कार्यालय में शिकायत की थी कि उनके नाम पंजीकृत कार बिना उनकी उपस्थिति और हस्ताक्षर के सिविल लाइंस निवासी रिषभ गुप्ता के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई। जांच में पता चला कि काजल अग्रवाल और ऋषभ गुप्ता 5 अक्तूबर 2023 को संयुक्त रूप से कार्यालय में उपस्थित हुए थे। दोनों ने प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। ऋषभ गुप्ता ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने गाड़ी के लिए 29 लाख रुपये का भुगतान काजल को किया था मगर उन्होंने गाड़ी नहीं सौंपी। इस पर काजल और उनके पति मोहित अग्रवाल के खिलाफ 27 नवंबर 2023 को थाना न्यू आगरा में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
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जांच में यह भी सामने आया कि 25 सितंबर 2023 को हाथरस उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के पटल सहायक दिनेश प्रताप सिंह की आईडी से गाड़ी मालिक का पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया गया था। नया नंबर धीरज सिंह नामक व्यक्ति का निकला, जिस पर ओटीपी प्राप्त हुआ था। काजल अग्रवाल से गाड़ी से संबंधित पत्रावली मांगी गई तो वह कार्यालय से गायब मिली। आरटीओ ने पुलिस से पत्रावली गायब होने और इसमें संलिप्तता की जांच करने का भी अनुरोध किया।
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यह भी पता चला कि वाहन 25 नवंबर 2021 को चोरी हुआ था, जिसकी सूचना स्वामिनी ने आरटीओ को नहीं दी थी। थाना हरीपर्वत पुलिस ने सिविल लाइंस निवासी रिषभ गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन के कर्मचारी केदार सिंह, हाथरस उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के पटल सहायक दिनेश प्रताप सिंह, रुनकता निवासी धीरज सिंह और पप्पू के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।