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अंतिम गवाही और बहस के मुकदमे होंगे निस्तारित
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मैनपुरी। दीवानी न्यायालय में दो जनवरी से मुकदमों की नियमित सुनवाई शुरू करने के लिए शुक्रवार को दिन भर कवायद हुई। अंतिम गवाही और बहस वाले मुकदमों को चिन्हित करके उनको सूचीबद्ध किया गया है। पहले से तय तारीखों पर सूचीबद्ध मुकदमों की सुनवाई शुरू करने के लिए पहल की गई है।
कोरोना काल में अदालतों में मुकदमों की नियमित सुनवाई नहीं होने से लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ गई है। अंतिम गवाही और बहस वाले मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पाने से अदालतों पर काम का बोझ भी बढ़ा है। तय तारीखों पर गवाही कराने के लिए सरकारी वकीलों को हिदायत दी है। हाईकोर्ट ने दो जनवरी से अदालतों में मुकदमों की नियमित रूप से सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पहले से तय तारीखों वाले मुकदमों की सूची बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर दो जनवरी से अदालतों में शुरू होने वाली नियमित सुनवाई में सहयोग करने को कहा गया है।
वरीयता पर निस्तारित होंगे पुराने मुकदमे
बहस और अंतिम गवाही में चल रहे पुराने मुकदमे वरीयता के आधार पर निपटाए जाएंगे। मुकदमों की नियमित सुनवाई करके लंबित मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। अदालतों में अंतिम गवाही और बहस वाले 700 से अधिक मुकदमे चिन्हित किए गए हैं। इन मुकदमों का शीघ्र निस्तारण करने की कवायद की गई है।
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सुनवाई टालने वाले प्रार्थना पत्र निरस्त होंगे
मुकदमे की सुनवाई टालने के लिए पक्षकारों द्वारा दिए जाने वाले प्रार्थना पत्रों को कम से कम स्वीकार किया जाएगा। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत गवाही के लिए पक्षकारेां को ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा। दो जनवरी से शुरू होने वाली नियमित सुनवाई में तय तारीख पर ही हर हाल में गवाही कराई जाएगी।
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कोरोना काल में अदालतों में मुकदमों की नियमित सुनवाई नहीं होने से लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ गई है। अंतिम गवाही और बहस वाले मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पाने से अदालतों पर काम का बोझ भी बढ़ा है। तय तारीखों पर गवाही कराने के लिए सरकारी वकीलों को हिदायत दी है। हाईकोर्ट ने दो जनवरी से अदालतों में मुकदमों की नियमित रूप से सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पहले से तय तारीखों वाले मुकदमों की सूची बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर दो जनवरी से अदालतों में शुरू होने वाली नियमित सुनवाई में सहयोग करने को कहा गया है।
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वरीयता पर निस्तारित होंगे पुराने मुकदमे
बहस और अंतिम गवाही में चल रहे पुराने मुकदमे वरीयता के आधार पर निपटाए जाएंगे। मुकदमों की नियमित सुनवाई करके लंबित मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। अदालतों में अंतिम गवाही और बहस वाले 700 से अधिक मुकदमे चिन्हित किए गए हैं। इन मुकदमों का शीघ्र निस्तारण करने की कवायद की गई है।
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सुनवाई टालने वाले प्रार्थना पत्र निरस्त होंगे
मुकदमे की सुनवाई टालने के लिए पक्षकारों द्वारा दिए जाने वाले प्रार्थना पत्रों को कम से कम स्वीकार किया जाएगा। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत गवाही के लिए पक्षकारेां को ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा। दो जनवरी से शुरू होने वाली नियमित सुनवाई में तय तारीख पर ही हर हाल में गवाही कराई जाएगी।