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महिला-प्रेमी को क्यों सुनाई पांच साल की सजा
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मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में छह साल पहले पत्नी के आचरण से परेशान पति ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में एफटीसी द्वितीय जज अवनीश गौतम की कोर्ट ने मृतक की पत्नी सहित उसके प्रेमी को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद दोनों को हिरासत में लेकर अदालत से जेल भेजा गया है।
थाना औंछा के नगला कंचन निवासी ब्रजेश कुमार का शव 20 अक्तूबर 2014 को सुबह 10 बजे उनके मकान के बाहर लगे नीम के पेड़ से लटका मिला था। ब्रजेश के भाई सरोज कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर कोर्ट के आदेश से 11 नवंबर को ब्रजेश की हत्या करने की रिपोर्ट ब्रजेश की पत्नी मिथिलेश कुमारी सहित विजयपाल उर्फ चिम्मा निवासी नगला मांझ के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ब्रजेश को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोपी पाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने ब्रजेश की मौत के संबंध में अदालत में गवाही दी। गवाही के आधार पर दोनों को दोषी पाया गया। एडीजीसी प्रेमचंद्र निगम ने उनको सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने दोनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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पुत्र की गवाही पर हुई सजा
ब्रजेश के पुत्र हरीसिंह ने अदालत में गवाही दी। उसने बताया उसकी मां केे विजयपाल से संबंध थे। इसका उसके पिता विरोध करते थे। उसकी मां आए दिन उसके पिता को मर जाने के लिए उकसाती थी। इसके चलते उसके पिता ने मकान के बाहर लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली थी।
सजा सुनते ही अदालत में रोने लगी पत्नी
पति ब्रजेश की मौत के बाद अदालत में जब बुधवार को पत्नी मिथिलेश का सजा सुनाई गई तो वह अदालत में ही रोने लगी। अदालत में उसके साथ मौजूद विजयपाल भी सजा सुनते रो पड़ा। निर्णय सुनने अदालत पहुंचे ब्रजेश के पुत्र हरीसिंह ने अपनी मां और उसके प्रेमी को सजा होने पर खुशी जताई।
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थाना औंछा के नगला कंचन निवासी ब्रजेश कुमार का शव 20 अक्तूबर 2014 को सुबह 10 बजे उनके मकान के बाहर लगे नीम के पेड़ से लटका मिला था। ब्रजेश के भाई सरोज कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर कोर्ट के आदेश से 11 नवंबर को ब्रजेश की हत्या करने की रिपोर्ट ब्रजेश की पत्नी मिथिलेश कुमारी सहित विजयपाल उर्फ चिम्मा निवासी नगला मांझ के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ब्रजेश को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोपी पाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने ब्रजेश की मौत के संबंध में अदालत में गवाही दी। गवाही के आधार पर दोनों को दोषी पाया गया। एडीजीसी प्रेमचंद्र निगम ने उनको सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने दोनों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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पुत्र की गवाही पर हुई सजा
ब्रजेश के पुत्र हरीसिंह ने अदालत में गवाही दी। उसने बताया उसकी मां केे विजयपाल से संबंध थे। इसका उसके पिता विरोध करते थे। उसकी मां आए दिन उसके पिता को मर जाने के लिए उकसाती थी। इसके चलते उसके पिता ने मकान के बाहर लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली थी।
सजा सुनते ही अदालत में रोने लगी पत्नी
पति ब्रजेश की मौत के बाद अदालत में जब बुधवार को पत्नी मिथिलेश का सजा सुनाई गई तो वह अदालत में ही रोने लगी। अदालत में उसके साथ मौजूद विजयपाल भी सजा सुनते रो पड़ा। निर्णय सुनने अदालत पहुंचे ब्रजेश के पुत्र हरीसिंह ने अपनी मां और उसके प्रेमी को सजा होने पर खुशी जताई।