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तीन अपहरणकर्ताओं को पांच-पांच साल की सजा
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मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में 18 साल पहले युवक का अपहरण करने वाले तीन लोगों को अपर जिला जज द्वितीय मनमोहन सिंह ने पांच पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
नगला हवेली निवासी गयादीन नौ जून 2002 की रात को अपने खेत की रखवाली करने गया था। जब वह 10 जून की सुबह तक घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खेत पर रखी चारपाई पर उसके कपड़े रखे मिले। गयादीन के बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के दौरान मोहरपाल निवासी हवेली, अवधेश निवासी नगला हुलासी थाना औंछा, दलवीर निवासी नगला जई थाना जैथरा एटा के खिलाफ गयादीन का अपहरण करने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज द्वितीय मनमोहन सिंह की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर तीनों को गयादीन का अपहरण करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव, संजीव चौहान ने आरोपियों को सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने तीनों को पांच पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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खेत की रंजिश में हुआ अपहरण
वीरेंद्र ने रिपोर्ट लिखाने के बाद पुलिस को बताया उसके भाई गयादीन का खेत की रंजिश के चलते गंाव के मोहरपाल ने अपहरण कराया था। गयादीन का अपहरण करने में अबधेश और दलवीर ने मदद की थी। खेत की रंजिश के चलते गयादीन का अपहरण करने में ही पुलिस ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेजी थी।
अदालत में गवाही से मुकर गए
वीरेंद्र ने गयादीन का अपहरण करने की पुलिस को गवाही दी। अदालत में जब मुकदमा चला तो पुलिस को दी गई गवाही से मुकर गए। रिपोर्ट और कोर्ट में वीरेंद्र द्वारा रिपोर्ट के समर्थन में दी गवाही पर ही अपर जिला जज मनमोहन सिंह ने तीनों आरोपियों को अपहरण का दोषी पाकर सजा सुना दी।
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नगला हवेली निवासी गयादीन नौ जून 2002 की रात को अपने खेत की रखवाली करने गया था। जब वह 10 जून की सुबह तक घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खेत पर रखी चारपाई पर उसके कपड़े रखे मिले। गयादीन के बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच के दौरान मोहरपाल निवासी हवेली, अवधेश निवासी नगला हुलासी थाना औंछा, दलवीर निवासी नगला जई थाना जैथरा एटा के खिलाफ गयादीन का अपहरण करने के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज द्वितीय मनमोहन सिंह की कोर्ट में हुई। गवाही के आधार पर तीनों को गयादीन का अपहरण करने का दोषी पाया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव, संजीव चौहान ने आरोपियों को सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने तीनों को पांच पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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खेत की रंजिश में हुआ अपहरण
वीरेंद्र ने रिपोर्ट लिखाने के बाद पुलिस को बताया उसके भाई गयादीन का खेत की रंजिश के चलते गंाव के मोहरपाल ने अपहरण कराया था। गयादीन का अपहरण करने में अबधेश और दलवीर ने मदद की थी। खेत की रंजिश के चलते गयादीन का अपहरण करने में ही पुलिस ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेजी थी।
अदालत में गवाही से मुकर गए
वीरेंद्र ने गयादीन का अपहरण करने की पुलिस को गवाही दी। अदालत में जब मुकदमा चला तो पुलिस को दी गई गवाही से मुकर गए। रिपोर्ट और कोर्ट में वीरेंद्र द्वारा रिपोर्ट के समर्थन में दी गवाही पर ही अपर जिला जज मनमोहन सिंह ने तीनों आरोपियों को अपहरण का दोषी पाकर सजा सुना दी।