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अदालत ने मारपीट के चार दोषियों को दो साल की सुनाई सजा, 25 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया
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कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या 1 तालेवर सिंह के न्यायालय ने मारपीट के मामले में चार दोषियों को दो साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
अमांपुर के ग्राम भड़ेरी निवासी सतीश, कुंवरपाल, महीपाल, ग्रीश 28 नवंबर को अपने खेत की मेड़ तोड़कर करन सिंह के खेत में 11 फुट अंदर मेड़ लगाने लगे। जब इस बात की जानकारी उसको हुई तो करन सिंह अपने भाई हमीर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और मेड़ बांधने से मना किया तो महीपाल व कुंवर पाल ने अंटी से तमंचा निकाल कर फायर कर दिए, जबकि सतीश व ग्रीश ने लाठी डंडों से मारपीट कर दी। उनकी चीख सुनकर गांव का ही उदयवीर पहुंचा तो उसकी भी लाठी डंडों से मारपीट कर दी। गांव के अन्य लोगों के आ जाने के बाद महीपाल व कुंवरपाल को तमंचा सहित पकड़ लिया और थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
मामले की प्राथमिकी चारों को नामजद करते हुए कोतवाली में दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर पत्रावली न्यायालय में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी हरिओम ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने गवाहों के बयानों एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर चारों को दोषी मानते हुए धारा 323 में 6-6 माह की सजा और 5-5 सौ रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि धारा 325 के तहत 2-2 साल की सजा एवं 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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अमांपुर के ग्राम भड़ेरी निवासी सतीश, कुंवरपाल, महीपाल, ग्रीश 28 नवंबर को अपने खेत की मेड़ तोड़कर करन सिंह के खेत में 11 फुट अंदर मेड़ लगाने लगे। जब इस बात की जानकारी उसको हुई तो करन सिंह अपने भाई हमीर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और मेड़ बांधने से मना किया तो महीपाल व कुंवर पाल ने अंटी से तमंचा निकाल कर फायर कर दिए, जबकि सतीश व ग्रीश ने लाठी डंडों से मारपीट कर दी। उनकी चीख सुनकर गांव का ही उदयवीर पहुंचा तो उसकी भी लाठी डंडों से मारपीट कर दी। गांव के अन्य लोगों के आ जाने के बाद महीपाल व कुंवरपाल को तमंचा सहित पकड़ लिया और थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
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मामले की प्राथमिकी चारों को नामजद करते हुए कोतवाली में दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर पत्रावली न्यायालय में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी हरिओम ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने गवाहों के बयानों एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर चारों को दोषी मानते हुए धारा 323 में 6-6 माह की सजा और 5-5 सौ रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि धारा 325 के तहत 2-2 साल की सजा एवं 2-2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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