{"_id":"5d8a56308ebc3e93c52efbfb","slug":"court-deciesion-mainpuri-news-agr40741817","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्यारे को दस साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हत्यारे को दस साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र में पांच साल पहले दहेज की खातिर पत्नी की जलाकर हत्या करने के आरोपी पति को दोषी मानते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) के जज शक्ति सिंह ने दस साल की सजा सुनाई है। हिरासत में लेने केे बाद सास और ससुर भी सात साल के लिए जेल भेजे गए हैं।
थाना करहल के गांव ककइया में 11 मई, 2014 को आरती झुलस गई थी। 13 मई को उसकी सैफई में इलाज के दौरान मौत हो गई। आरती के पिता राकेश कुमार निवासी कदमपुर थाना ऊसराहार जिला इटावा ने आरती के पति संजीव कुमार, ससुर राजेश कुमार, सास प्रेमलता के खिलाफ दहेज की खातिर बेटी की जलाकर हत्या करने की रिपोर्ट थाना करहल में 13 मई को दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज शक्ति सिंह की कोर्ट में हुई। वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने अदालत में गवाही दी। गवाही के आधार पर तीनों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव, मुकुल रायजादा ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी।
विज्ञापन
एफटीसी जज ने पति को दस साल, सास और ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई है। उनको सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा।
जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
दहेज की मांग पूरी नहीं होनेे पर पत्नी की जलाकर हत्या करने केे आरोपी पति संजीव को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लडना पड़ा।
विज्ञापन
थाना करहल के गांव ककइया में 11 मई, 2014 को आरती झुलस गई थी। 13 मई को उसकी सैफई में इलाज के दौरान मौत हो गई। आरती के पिता राकेश कुमार निवासी कदमपुर थाना ऊसराहार जिला इटावा ने आरती के पति संजीव कुमार, ससुर राजेश कुमार, सास प्रेमलता के खिलाफ दहेज की खातिर बेटी की जलाकर हत्या करने की रिपोर्ट थाना करहल में 13 मई को दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज शक्ति सिंह की कोर्ट में हुई। वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने अदालत में गवाही दी। गवाही के आधार पर तीनों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव, मुकुल रायजादा ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी।
विज्ञापन
एफटीसी जज ने पति को दस साल, सास और ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई है। उनको सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा।
जेल में रहकर लड़ा मुकदमा
दहेज की मांग पूरी नहीं होनेे पर पत्नी की जलाकर हत्या करने केे आरोपी पति संजीव को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लडना पड़ा।