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हत्या के प्रयास के तीन दोषियों को दस साल की सजा
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कासगंज। अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कक्ष संख्या 2 धीरेंद्र कुमार के न्यायालय ने हत्या के प्रयास के तीन दोषियों को 10 साल की सजा सुनाई है। जबकि दो आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी है। एक आरोपी अभी फरार चल रहा है।
वंटी पुत्र प्रमोद कुमार निवासी गंगेश्वर कॉलोनी 28 मई 2008 को बाइक पर अपने भाई मनोज , वेदव्रत के साथ एटा जाने के लिए घर से निकला। कॉलोनी में कब्रिस्तान के निकट उस पर बस्ती के ही निवासी प्रमोद बघेल, रावेद्र, देवेंद्र, हरी सिंह, दुर्गेश, उमेश ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया और गालीगलौज करते हुए धमकी दी। गोली लगने से बंटी घायल हो गया। उसके पिता ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए रावेद्र व उमेश की पत्रावली को अलग कर दिया। जबकि दुर्गेश अभी फरार चल रहा है। कोर्ट ने प्रमोद बघेल, देवेंद्र व हरी सिंह को दोषी माना। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पर धारा 147 में 1 वर्ष की सजा व 2 हजार का जुर्माना, घारा 148 में 2 वर्ष की सजा व 2500 रुपये जुर्माना, धारा 506 में 3 वर्ष की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 10 साल की साधारण सजा व 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषियों से होने वाली कुल 58500 रुपये की धनराशि में से 30 हजार हजार रुपये घायल बंटी को दिए जाने के आदेश दिए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार वर्मा ने की।
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वंटी पुत्र प्रमोद कुमार निवासी गंगेश्वर कॉलोनी 28 मई 2008 को बाइक पर अपने भाई मनोज , वेदव्रत के साथ एटा जाने के लिए घर से निकला। कॉलोनी में कब्रिस्तान के निकट उस पर बस्ती के ही निवासी प्रमोद बघेल, रावेद्र, देवेंद्र, हरी सिंह, दुर्गेश, उमेश ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया और गालीगलौज करते हुए धमकी दी। गोली लगने से बंटी घायल हो गया। उसके पिता ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए रावेद्र व उमेश की पत्रावली को अलग कर दिया। जबकि दुर्गेश अभी फरार चल रहा है। कोर्ट ने प्रमोद बघेल, देवेंद्र व हरी सिंह को दोषी माना। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पर धारा 147 में 1 वर्ष की सजा व 2 हजार का जुर्माना, घारा 148 में 2 वर्ष की सजा व 2500 रुपये जुर्माना, धारा 506 में 3 वर्ष की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 10 साल की साधारण सजा व 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषियों से होने वाली कुल 58500 रुपये की धनराशि में से 30 हजार हजार रुपये घायल बंटी को दिए जाने के आदेश दिए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार वर्मा ने की।
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