फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   countrymen can make bridge among saarc borders

अवाम आए आगे तो टूटेंगी सार्क सरहदें

Sun, 18 Oct 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा Updated Sun, 18 Oct 2015 01:56 AM IST
विज्ञापन
 countrymen can make bridge among saarc borders
बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी और आतंकवाद। दक्षिण एशिया के देशों की ये सभी मुश्किलें दूर हो सकती हैं, लेकिन उन्हें यूरोपीय यूनियन की तरह एक होना होगा। नेता, फौज और ब्यूरोक्रेट इसमें अड़ंगे लगाएंगेे, लेकिन अवाम एक हो जाए तो सरहदें टूट सकती हैं। दुनिया को दो महायुद्धों में झोंकने वाले यूरोपीय देश एक हो सकते हैं तो सार्क देश क्यों नहीं।
विज्ञापन

विख्यात पत्रकार मार्क टुली ने ये विचार यहां शनिवार से शुरू हुए दो दिन के सार्क सेमिनार में रखे। ‘दक्षिण एशिया की चुनौतियां और भारत पाक की भूमिका’ पर आयोजित सेमिनार का आयोजन फोकलोर रिसर्च अकादमी ने किया है। इसमें सार्क देशों के लेखकों ने भी आपसी कारोबार, संसाधन और संास्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया। गांधीवादी नेता डा. निर्मला देशपांडे के चित्र पर माल्यार्पण से सेमिनार का शुभारंभ करने के बाद दक्षिण एशिया के सामरिक विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा कि दुनिया की 22 फीसदी आबादी सार्क देशों में निवास करती है, लेकिन जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी महज दो फीसदी है। इस पिछड़ेपन का कारण अशिक्षा, धार्मिक कट्टरता, तानाशाही है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण दिया कि वहां हाल इतने खराब हैं कि हाफिज सईद को नवाज शरीफ से बड़ा नेता आंका जाता है। कहा देश कोई हो, तरक्की के लिए ऐसी बातों से ऊपर उठना होगा।
विज्ञापन

सेमिनार को बीबीसी के पूर्व पत्रकार सतीश जैकब, बांग्लादेश की टीवी पत्रकार मुन्नी शाह, अमृतसर के प्रो. एसएस चिना, दशरथ पारेकर, फोकलोर अध्यक्ष रमेश यादव ने भी संबोधित किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन, एमपीएस ग्रुप के चेयरमैन स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह मंचासीन रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तान के साथ शुरू हो कारोबार : राजा
पाकिस्तानी कारोबारी राजा हसन ने कहा कि भारत और पाक के बीच पहले कारोबार शुरू हो। इसकी दिक्कतें दूर हों। भारत हो या पाक शहरों की जगह देश का वीजा जारी करें। पाकिस्तानी लेखिका शूरिया मंजूर ने कहा कि दोनों ही देश हथियार पर बहाया जा रहा धन विकास में लगाएं तो इन्हें यूरोप से ज्यादा विकसित होते देर न लगेगी।
सांझी सुरक्षा नीति बनाकर आतंकियों से निपटे सार्क
फोकलोर रिसर्च अकादमी और अखिल भारतीय रचनात्मक समाज ने आगरा सम्मेलन का घोषणा पत्र जारी किया। इसमें दक्षिण एशिया में शांति, सदभावना और विकास के माहौल के लिए इन कदमों की मांग की गई।
- सार्क के लेखकों, पत्रकारों, कलाकारों को उदारता से वीजा दिए जाएं
- आतंकवादी संगठनों के खिलाफ लड़ाई के लिए साझा सुरक्षा नीति बने
- सार्क देश सीमा व प्राकृतिक संसाधन बंटवारे के विवाद वार्ता से सुलझाएं
- न युद्ध या हिंसक कार्रवाई करें, न ही सांप्रदायिक शक्तियों को संरक्षण दें
- अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले बयानों से बहुसंख्यक बचें
- हिमालय का तापमान बढ़ने के दुष्प्रभाव देखते हुए विकास नीतियां बदलें
‘हिंदी में पूछो, जवाब अंग्रेजी में मिलेगा’
बीबीसी के पूर्व पत्रकार रहे मार्क टुली ने नमस्ते से शुरूआत की और हिंदी में संबोधित किया। हंसते हुए उन्होंने कहा कि भारत में किसी से हिंदी में सवाल करो, वह जवाब अंग्रेजी में देता है।
‘मुंबई से बड़ा दिल है आगरा का’
पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे पंकज पचौरी ने कहा कि मुंबई वालों से बड़ा दिल आगरा वालों का है। यह यहां पाकिस्तान और सार्क देशों के लोगों के इस्तकबाल से साबित हुआ। पचौरी ने कहा कि सरकार आस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका से तो ट्रेड पैक्ट कर रही है, लेकिन पड़ोसी देशों से नहीं। बाजार को एक करना चाहते हैं, लेकिन लोगाें को नहीं। हमें यही स्थिति बदलनी है।

जय जगत पुकारे जा
गांधीवादी एवं सर्वोदयी नेता सुब्बाराव ने सेमीनार में जय हिंद की जगह गीत के जरिए जय जगत का नारा दिया। उन्होंने पाकिस्तान में युवाओं के लिए कैंप लगाने की इच्छा जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed