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एनजीटी में प्रशासन के जवाब से सीवर के ‘सच’ पर से उठा पर्दा

Fri, 05 Feb 2016 02:08 AM IST
राजीव शर्मा
राजीव शर्मा Updated Fri, 05 Feb 2016 02:08 AM IST
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cost billion, result zero
दस सालों में अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर को सीवर समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। क्योंकि वर्ष 2005-06 में शहर में जितनी सीवर लाइन की जरूरत थी, उसके सापेक्ष में अब तक सिर्फ एक चौथाई ही लाइन बिछाई जा सकी है। दूसरा, यह भी किसी काम की नहीं है। यह कड़वा सच हाल ही में प्रशासन द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दाखिल किए गए जवाब से सामने आया है। इस जवाब में कमिश्नर की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।
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जगह-जगह उफनता सीवेज, गलियों में गंदा पानी, बदबू से बेहाल होते लोग। शहर के अधिकांश क्षेत्रों का यही हाल है। वह भी तब, जबकि इसी समस्या के समाधान के लिए अरबों रुपये पानी की तरह से बहाया जा चुका है। यमुना को मूलस्वरूप में लाने के लिए पर्यावरणविद डीके जोशी द्वारा एनजीटी में दायर जनहित याचिका के संबंध में हाल ही में प्रशासन ने जवाब दाखिल किया है, इससे पिछले एक दशक में विभिन्न विभागों द्वारा डाली गई सीवर लाइन की हकीकत सामने आ गई है। जवाब में कमिश्नर ने 26 अगस्त 2015 को प्रमुख सचिव, नगर विकास को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत शहर में अब तक कुल 224.40 किमी ही सीवर लाइन बिछाई गई है। जबकि 2005-06 में 1027.20 किमी लाइन डालने का प्रस्ताव था। यानी एक दशक पहले की जरूरत के हिसाब से भी अभी शहर में सीवर लाइन नहीं डाली गई है।  
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मौजूदा सीवर लाइन भी ठप
प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कमिश्नर ने यहां तक कहा था कि वर्तमान में जितनी सीवर लाइन डाली है वह कार्यरत नहीं है। मतलब साफ था, 224.40 किमी लंबी सीवर लाइन पर जो कुल लागत का 13047 लाख रुपये (लगभग) लगाई गई, उस पर पानी फिर गया। गौरतलब है कि शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सीवर लाइन आपस में कनेक्ट ही नहीं हैं। बहुत सी जगहों पर तो कनेक्टिंग चेंबर तक नहीं बनाए गए।
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...तो दयालबागवासियों का क्या दोष
सरकारी सिस्टम की लापरवाही की सजा दयालबागवासियों को भुगतनी पड़ रही है। यहां अधिकांश क्षेत्र में सीवर लाइन नहीं है। इसके बावजूद एडीए, जल संस्थान आदि विभागों ने यमुना में सीधे सीवेज डालने के लिए यहां के निवासियों को जिम्मेदार ठराहाते हुए एनजीटी में तलब करा दिया। अब ये लोग अपना जवाब देने के लिए एनजीटी के चक्कर काट रहे हैं।

2005-06 में तैयार किया गया प्रस्ताव
जोन    क्षेत्र    सीवर लाइन की दूरी    लागत (लाख में)
सेंट्रल सीवरेज डिस्ट्रीक्ट    हरीपर्वत, रकाबगंज, कोतवाली आदि    129 किमी     7135.29
नोर्दन सीवरेज जोन    सिकंदरा, दयालबाग आदि    147 किमी    8720.85
ईस्टर्न सीवरेज जोन    ट्रांसयमुना क्षेत्र    61.40 किमी    4804.70
वेस्टर्न सीवरेज जोन    शाहगंज, बोदला आदि    255 किमी    15354.25
साउथ सीवरेज जोन-1    बुंदू कटरा क्षेत्र    63.40 किमी    4955.30
साथ सीवरेज जोन-2    शाहगंज क्षेत्र    30.20 किमी    3029.25
ताजगंज सीवरेज जोन    पूरा ताजगंज क्षेत्र    342 किमी    15821.90



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