आगरा में कोरोना: आठ पॉश कॉलोनियां फिर बनी चुनौती, इन तीन वजहों से तेजी से बढ़ा संक्रमण
- आठ पॉश कॉलोनियों में 34 दिन में 219 संक्रमित मरीज मिले, यहां पहली लहर में भी आधे से अधिक थे मरीज
- दयालबाग, कमला नगर, आवास विकास कॉलोनी, बल्केश्वर, खंदारी, सिकंदरा, ताजगंज में फिर से बढ़ा संक्रमण
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मार्च से तीन अप्रैल तक कोरोना वायरस के 327 मरीज मिल चुके हैं। इसमें से दयालबाग, कमला नगर, आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा, खंदारी, बल्केश्वर, ताजगंज और शाहगंज में सबसे ज्यादा 219 मरीज पाए गए। बच्चे और महिलाओं की संख्या 45 फीसदी है। यही हाल कोरोना की पहली लहर में रहा। कुल संक्रमित 10856 मरीजों में से 60 फीसदी इन्हीं कॉलोनियों में पाए गए थे।
ये हैं तीन प्रमुख वजह
- दिल्ली-मुंबई की यात्रा: यहां पाए गए संक्रमित लोगों में 20 फीसदी की ट्रेवलिंग हिस्ट्री पाई गई। ये लोग दिल्ली, मुंबई, राजस्थान समेत देशभर में यात्रा की।
- विदेश यात्रा: इन आठ कॉलोनियों में से पांच फीसदी ने विदेश में यात्रा की। यह उद्यम, शिक्षा समेत अन्य कार्य के लिए यात्रा करके लौटे।
- सामूहिक कार्यक्रम: इन आठ कॉलोनियों में सामूहिक कार्यक्रम भी हुए, इनमें सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ, मास्क का भी उपयोग से बचे।
ये किए जा रहे उपाय
- 25 लोगों के नमूने लिए: संक्रमित के संपर्क में आए 25 लोगों की स्क्रीनिंग कर नमूने लेकर जांच कराई जा रही है।
- एंटीजन जांच: मोबाइल वैन में एंटीजन जांच के लिए टीम भेजी जा रही। घरों के आसपास सार्वजनिक स्थानों पर सैंपलिंग।
- होम डिलीवरी: संक्रमित मरीजों के घरों पर दैनिक उपयोग में लाए जाने वाले सामान सामाजिक संगठनों की मदद से होम डिलीवरी करा रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि दयालबाग, कमला नगर समेत आठ कॉलोनियों में संक्रमण के लगभग आधे मरीज मिले हैं। अब दूसरी लहर में भी यही हालात है। यहां नियंत्रण करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।