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कोरोनावायरसः जवाहर तापीय परियोजना के नौ कोरियाई अधिकारियों को 28 दिन की 'कैद'
Wed, 04 Mar 2020 06:47 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 04 Mar 2020 06:47 PM IST
सार
बाजार में मास्क की डिमांड के अनुरूप नहीं हो रही सप्लाई, दाम बढ़े
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
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विस्तार
एटा जवाहर तापीय परियोजना में काम कर रहे दूसान कंपनी के नौ कोरियाई अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी में ले लिया है। उनके 28 दिन तक काम करने और सार्वजनिक स्थान पर जाने पर रोक लगा दी गई है, इस दौरान उन्हें कमरे में रहने की हिदायत दी गई है।
जवाहर तापीय परियोजना के निर्माण का ठेका दक्षिण कोरिया की कंपनी दूसान पर है। कंपनी के यहां एक दर्जन से अधिकारी काम कर रहे हैं। यह विभिन्न अवसरों पर विदेश आते-जाते रहते हैं।
करीब नौ अधिकारी फरवरी माह में दक्षिण कोरिया गए। वहां से यह लोग नौ से 27 फरवरी तक विभिन्न तारीखों में एटा लौटे। इसकी जानकारी जब केंद्र सरकार को हुई तो उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया।
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जवाहर तापीय परियोजना के निर्माण का ठेका दक्षिण कोरिया की कंपनी दूसान पर है। कंपनी के यहां एक दर्जन से अधिकारी काम कर रहे हैं। यह विभिन्न अवसरों पर विदेश आते-जाते रहते हैं।
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करीब नौ अधिकारी फरवरी माह में दक्षिण कोरिया गए। वहां से यह लोग नौ से 27 फरवरी तक विभिन्न तारीखों में एटा लौटे। इसकी जानकारी जब केंद्र सरकार को हुई तो उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया।
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की गई जांच
स्वास्थ्य विभाग की रेपिड रेस्पांस टीम ने बुधवार को मलावन स्थित प्लांट पर पहुंचकर विदेश से लौटे नौ अधिकारियों के बलगम और बुखार की जांच की, हालांकि सभी अधिकारी स्वस्थ हैं।
दी गई है हिदायत
कोरोना वायरस के नोडल अधिकारी डॉ. सतीश चंद नागर ने बताया कि सभी नौ अधिकारियों को 28 दिन तक कमरे में रहने को कहा गया है, इस दौरान उन्हें काम पर और सार्वजनिक स्थानों पर न जाने की हिदायत दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रेपिड रेस्पांस टीम ने बुधवार को मलावन स्थित प्लांट पर पहुंचकर विदेश से लौटे नौ अधिकारियों के बलगम और बुखार की जांच की, हालांकि सभी अधिकारी स्वस्थ हैं।
दी गई है हिदायत
कोरोना वायरस के नोडल अधिकारी डॉ. सतीश चंद नागर ने बताया कि सभी नौ अधिकारियों को 28 दिन तक कमरे में रहने को कहा गया है, इस दौरान उन्हें काम पर और सार्वजनिक स्थानों पर न जाने की हिदायत दी गई है।
डिमांड ज्यादा, मास्क की सप्लाई कम
बाजार में कई तरह के मास्क बिक रहे हैं पर वर्तमान में इनकी शार्टेज है। थोक व्यापारियों के अनुसार जिले में करीब पचास हजार मास्क की डिमांड है पर उस अनुपात में नहीं आ रहे, कारण मास्क बनाने का रॉ मैटेरियल चीन से आता है, वहीं जो कंपनियां इन्हें बनाती हैं वह मेट्रो सिटी और बड़े अस्पतालों को सप्लाई कर रही हैं, इसके चलते एटा के बाजारों में यह उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
यह हैं कीमत
बाजार में तीन तरह के मास्क मौजूद हैं। इनमें कोरोना वायरस में प्रभावी मास्क एन-95 है जो 80 रुपये का है पर वर्तमान में चार सौ से पांच सौ रुपये में बिक रहा है। सादा मास्क दो से ढाई रुपये का आता है, जो बीस रुपये तक बिक रहा है। पड़ोसी जिलों में डिमांड-एक दुकानदार ने बताया कि पड़ोसी जिले आगरा, अलीगढ़ और फीरोजाबाद स्थित मेडिकल कालेजों में मॉस्क की डिमांड बढने से कई दुकानदारों ने अपने स्टॉक को इन जिलों में ऊंचे दामों पर बेच दिया है।
बाजार में मास्क की डिमांड तो बहुत है पर मोदी नगर, गाजियाबाद और दिल्ली से मास्क आ ही नहीं रहे हैं। -तरुन उपाध्याय, मेडिकल स्टोर
बाजार में मास्क की डिमांड है, यहां आए तो मेडिकल की थोक दुकानों पर ही अभाव है, ऐसे में कैसे बेचें। राहुल, मेडिकल स्टोर
कोरोना वायरस के चलते हर व्यक्ति के अंदर खौफ है, वहीं मास्क की शार्टेज के चलते लोग परेशान हैं। उमेश प्रताप सिंह चौहान
एशियन पेंट्स ने 125 व्यापारियों का मलेशिया का टूर बनाया था, कोरोना के चलते रद्द हो गया है। अतुल राठी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
बाजार में कई तरह के मास्क बिक रहे हैं पर वर्तमान में इनकी शार्टेज है। थोक व्यापारियों के अनुसार जिले में करीब पचास हजार मास्क की डिमांड है पर उस अनुपात में नहीं आ रहे, कारण मास्क बनाने का रॉ मैटेरियल चीन से आता है, वहीं जो कंपनियां इन्हें बनाती हैं वह मेट्रो सिटी और बड़े अस्पतालों को सप्लाई कर रही हैं, इसके चलते एटा के बाजारों में यह उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
यह हैं कीमत
बाजार में तीन तरह के मास्क मौजूद हैं। इनमें कोरोना वायरस में प्रभावी मास्क एन-95 है जो 80 रुपये का है पर वर्तमान में चार सौ से पांच सौ रुपये में बिक रहा है। सादा मास्क दो से ढाई रुपये का आता है, जो बीस रुपये तक बिक रहा है। पड़ोसी जिलों में डिमांड-एक दुकानदार ने बताया कि पड़ोसी जिले आगरा, अलीगढ़ और फीरोजाबाद स्थित मेडिकल कालेजों में मॉस्क की डिमांड बढने से कई दुकानदारों ने अपने स्टॉक को इन जिलों में ऊंचे दामों पर बेच दिया है।
बाजार में मास्क की डिमांड तो बहुत है पर मोदी नगर, गाजियाबाद और दिल्ली से मास्क आ ही नहीं रहे हैं। -तरुन उपाध्याय, मेडिकल स्टोर
बाजार में मास्क की डिमांड है, यहां आए तो मेडिकल की थोक दुकानों पर ही अभाव है, ऐसे में कैसे बेचें। राहुल, मेडिकल स्टोर
कोरोना वायरस के चलते हर व्यक्ति के अंदर खौफ है, वहीं मास्क की शार्टेज के चलते लोग परेशान हैं। उमेश प्रताप सिंह चौहान
एशियन पेंट्स ने 125 व्यापारियों का मलेशिया का टूर बनाया था, कोरोना के चलते रद्द हो गया है। अतुल राठी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल