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यूपी: जीत रही सुहागनगरी, हार रहा कोरोना, अब तक 83 फीसदी लोग हुए ठीक
Sat, 16 May 2020 09:01 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 16 May 2020 09:01 AM IST
सार
- फिरोजाबाद के 185 कोरोना संक्रमितों में 154 ठीक हो चुके हैं।
- चार मरीजों की मौत हो गई है, जिले में सिर्फ 27 सक्रिय मामले हैं
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फिरोजाबाद में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना वायरस से जंग में सुहागनगरी जीत रही है। लोगों के धैर्य, हिम्मत से कोरोना हार रहा है। शुक्रवार तक 154 संक्रमित लोग कोरोना से जीतकर अपने घर लौट चुके हैं। जिले में कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा 83 फीसदी है।
फिरोजाबाद में शुक्रवार तक कोरोना के 185 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब कोरोना का ग्राफ गिरने लगा है। पिछले एक सप्ताह में सिर्फ चार मरीज संक्रमित मिले हैं। इस दौरान लगभग 50 से अधिक मरीज ठीक होकर घर लौटे चुके हैं।
इन लोगों ने बताया कि कोरोना से जीतने के लिए स्वास्थ्य विभाग के बेहतर इंतजाम तो काम आए ही। इसके साथ ही खुद की इच्छाशक्ति भी उनके काम आई। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, सावधानी और सतर्कता बरतनी है।
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फिरोजाबाद में शुक्रवार तक कोरोना के 185 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब कोरोना का ग्राफ गिरने लगा है। पिछले एक सप्ताह में सिर्फ चार मरीज संक्रमित मिले हैं। इस दौरान लगभग 50 से अधिक मरीज ठीक होकर घर लौटे चुके हैं।
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इन लोगों ने बताया कि कोरोना से जीतने के लिए स्वास्थ्य विभाग के बेहतर इंतजाम तो काम आए ही। इसके साथ ही खुद की इच्छाशक्ति भी उनके काम आई। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, सावधानी और सतर्कता बरतनी है।
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आइसोलेशन वार्ड में करता था योग
इंद्रा कॉलोनी निवासी सागर अग्रवाल का कहना है कि मुझे नहीं पता कि कोरोना का कैसे शिकार हो गया? लेकिन 15 दिन में कोरोना से जीतकर लौट आया हूं। संक्रमित होने की जानकारी के बाद मैंने हिम्मत नहीं हारी। कोरोना को हराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में खाने, पीने, रहने के इंतजाम अच्छे थे। समय-समय पर दवा खिलाई जाती थी। हल्दी का दूध दिया जाता था। मैं आधा घंटा योगा करता था। लोग घबराएं नहीं, समझदारी का परिचय दें।
हिम्मत और मनोबल से जीती जंग
कोरोना से मुक्त थाना रामगढ़ के पुलिसकर्मी प्रशांत सिंह ने कहा कि कोरोना को हराने के लिए मनोबल ऊंचा होना जरूरी है। संक्रमित होने की जानकारी के बाद हम थोड़ा बहुत घबरा गए थे लेकिन वार्ड से लोग डिस्चार्ज होते देखकर विश्वास हो गया कि कोरोना से अब हम जीतकर ही रहेंगे।
वार्ड में व्यवस्था बेहतर थी। हर दो से ढाई घंटे बाद खाने-पीने को कुछ दिया जाता था और गुणवत्ता भी अच्छी थी। चिकित्सक भी हमें समझाते रहते थे कि कोरोनो से कैसे जीतना है? कोरोना को छुपाएं नहीं, बल्कि देश से भगाएं।
उन्होंने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में खाने, पीने, रहने के इंतजाम अच्छे थे। समय-समय पर दवा खिलाई जाती थी। हल्दी का दूध दिया जाता था। मैं आधा घंटा योगा करता था। लोग घबराएं नहीं, समझदारी का परिचय दें।
हिम्मत और मनोबल से जीती जंग
कोरोना से मुक्त थाना रामगढ़ के पुलिसकर्मी प्रशांत सिंह ने कहा कि कोरोना को हराने के लिए मनोबल ऊंचा होना जरूरी है। संक्रमित होने की जानकारी के बाद हम थोड़ा बहुत घबरा गए थे लेकिन वार्ड से लोग डिस्चार्ज होते देखकर विश्वास हो गया कि कोरोना से अब हम जीतकर ही रहेंगे।
वार्ड में व्यवस्था बेहतर थी। हर दो से ढाई घंटे बाद खाने-पीने को कुछ दिया जाता था और गुणवत्ता भी अच्छी थी। चिकित्सक भी हमें समझाते रहते थे कि कोरोनो से कैसे जीतना है? कोरोना को छुपाएं नहीं, बल्कि देश से भगाएं।
स्वस्थ हो चुके लोगों को कोरोना का खतरा कम
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों से दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है। दो बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज को घर भेजा जाता है।
इसके बाद मरीज 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहता है। आइसोलेशन वार्ड में लोगों का मनोबल ऊंचा करने का प्रयास किया गया और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया गया। चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ ने उन्हें जागरूक किया। यही कारण है कि आज अधिकांश मरीज ठीक हो गए हैं।
कोरोना के कुल मामले - 185
कोरोना से मुक्त हुए लोग - 154
मौत - 04
सक्रिय मामले - 27
(शुक्रवार तक के आंकड़े)
इसके बाद मरीज 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहता है। आइसोलेशन वार्ड में लोगों का मनोबल ऊंचा करने का प्रयास किया गया और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया गया। चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ ने उन्हें जागरूक किया। यही कारण है कि आज अधिकांश मरीज ठीक हो गए हैं।
कोरोना के कुल मामले - 185
कोरोना से मुक्त हुए लोग - 154
मौत - 04
सक्रिय मामले - 27
(शुक्रवार तक के आंकड़े)