कोरोना योद्धाओं को सलाम: संक्रमित होने के बाद भी निभा रहे फर्ज, मरीजों को ऑनलाइन दे रहे परामर्श
- जूनियर डॉक्टरों से मरीजों का हाल जानने के बाद फोन पर ही दवा और इलाज के बारे में बता रहे हैं।
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक कोरोना संक्रमित होने के बाद भी अपना फर्ज निभा रहे हैं। संक्रमित होने के बाद ये चिकित्सक होम आइसोलेशन से मरीजों के इलाज पर नजर रखे हुए हैं।
सुबह-शाम जूनियर डॉक्टरों से मरीजों की सेहत का हाल जानने के साथ ही व्हाटसएप और फोन के जरिए दवा और इलाज के बारे में परामर्श दे रहे हैं। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इन वरिष्ठ चिकित्सकों के दिशा-निर्देश मिलने से मरीज के इलाज में जूनियर डॉक्टर को आसानी रहती है।
मेरे निर्देशन में भर्ती हुए मरीजों के इलाज की रोजाना जानकारी लेते हैं: डॉ. प्रभात अग्रवाल
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रभात अग्रवाल छह सितंबर को संक्रमित हुए। उसी दिन से होम आइसोलेशन में हैं, उनके नेतृत्व में 16 मरीजों का इलाज चल रहा है।
उन्होंने बताया कि मेरी अनुपस्थिति में चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन उनकी सेहत की जानकारी जूनियर डॉक्टरों से लेता हूं, आगे क्या दवाएं चलनी हैं, क्या जांचें होंगी, इसके बारे में व्हाटसएप और फोन से बताता रहता हूं। किसी की गंभीर हालत होने पर विशेषज्ञों की टीम को भी केस हिस्ट्री बताता हूं।
आठ मरीजों का उपचार मेरे ही निर्देशन में चल रहा है: डॉ. अजीत चाहर
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत चाहर संक्रमित मरीजों के इलाज के दौरान 21 अगस्त को संक्रमित हुए थे, तब उनके निर्देशन में आठ मरीजों का इलाज चल रहा था। अभी होम आइसोलेशन में हैं।
उन्होंने बताया कि घर पर भले ही हैं, लेकिन जिन मरीजों का इलाज किया, उनका आगे का उपचार भी मेरे ही निर्देश पर चलता है। इसके लिए जूनियर डॉक्टरों से मरीज की सेहत का इनपुट लेकर उसी के आधार पर इलाज तय करते हैं, किस दवा से कितना असर हो रहा है, दवाएं बदलनी हैं या नहीं, यह भी बताते हैं।