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सात माह की संक्रमित प्रसूता ने बेटे को दिया जन्म, कोविड अस्पताल में गूंजी दूसरी किलकारी
Tue, 26 May 2020 04:36 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 26 May 2020 04:36 PM IST
सार
नवजात को कोविड अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया
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कोविड अस्पताल में नवजात के साथ चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फिरोजाबाद में कोविड अस्पताल में मंगलवार को एक और किलकारी गूंजी। कोरोना पॉजिटिव सात माह की गर्भवती महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। आइसोलेशन वार्ड में ये दूसरा मामला है।
कोरोना के दौर में नवजातों का दुलार कुछ समय के लिए छिन रहा है। नवजात न मां से मिल पा रहे हैं, न ही अपने किसी घर के सदस्य से। नर्स ही उनका पालन पोषण कर रही हैं। मंगलवार को सुबह सैलई निवासी कोरोना संक्रमित महिला ने पुत्र को जन्म दिया।
संक्रमितों के इलाज में संसाधनों की नहीं होगी कमी, सात हजार पीपीई किट और पांच हजार मास्क मिले
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महिला कोरोना संक्रमित पाई गई थी, इसलिए 25 मई को कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया था। महिला को सात माह का गर्भ था, किंतु उसे ब्लीडिंग हो रही थी। तीन यूनिट रक्त चढ़ाया जा चुका था। चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए ऑपरेशन किया। इसके बाद कोरोना संक्रमित महिला ने एक बेटे को जन्म दिया है। जन्म के बाद तुरंत ही कोरोना संक्रमित मां से अलग कर दिया गया।
एसएनसीयू में कर रहा संघर्ष
समय से पूर्व जन्मा शिशु का कुल वजन डेढ़ किलो है। जबकि चिकित्सकों के मुताबिक स्वस्थ्य बच्चे का जन्म ढाई किलो होता है। इसलिए नवजात को कोविड अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड (स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) में भर्ती कर दिया गया है। मां आइसोलेशन वार्ड में कोरोना से जंग लड़ रही है तो बेटा एसएनसीयू में संघर्ष कर रहा है।
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कोरोना के दौर में नवजातों का दुलार कुछ समय के लिए छिन रहा है। नवजात न मां से मिल पा रहे हैं, न ही अपने किसी घर के सदस्य से। नर्स ही उनका पालन पोषण कर रही हैं। मंगलवार को सुबह सैलई निवासी कोरोना संक्रमित महिला ने पुत्र को जन्म दिया।
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महिला कोरोना संक्रमित पाई गई थी, इसलिए 25 मई को कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया था। महिला को सात माह का गर्भ था, किंतु उसे ब्लीडिंग हो रही थी। तीन यूनिट रक्त चढ़ाया जा चुका था। चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए ऑपरेशन किया। इसके बाद कोरोना संक्रमित महिला ने एक बेटे को जन्म दिया है। जन्म के बाद तुरंत ही कोरोना संक्रमित मां से अलग कर दिया गया।
एसएनसीयू में कर रहा संघर्ष
समय से पूर्व जन्मा शिशु का कुल वजन डेढ़ किलो है। जबकि चिकित्सकों के मुताबिक स्वस्थ्य बच्चे का जन्म ढाई किलो होता है। इसलिए नवजात को कोविड अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड (स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) में भर्ती कर दिया गया है। मां आइसोलेशन वार्ड में कोरोना से जंग लड़ रही है तो बेटा एसएनसीयू में संघर्ष कर रहा है।